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ईरान-अमेरिका के बीच शांति वार्ता के लिए इस्लामाबाद तैयार, इस होटल में होगी बातचीत

ईरान और अमेरिका की बातचीत के लिए इस्लामाबाद में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. यहां की सड़कों पर पूरी तरह से लॉकडाउन लोग दिया गया है.

Shilpa Shrivastava
ईरान-अमेरिका के बीच शांति वार्ता के लिए इस्लामाबाद तैयार, इस होटल में होगी बातचीत
Courtesy: Grok AI

नई दिल्ली: ईरान और अमेरिका के बीच सीजफायर की बातचीत शनिवार को होनी है. इसे लेकर इस्लामाबाद में तैयारी पूरी की जा चुकी है. यहां की सड़कों पर लॉकडाउन लगा हुआ था. बता दें कि पाकिस्तान की राजधानी ईरान और अमेरिका के बीच होने वाली ऐतिहासिक बातचीत की मेजबानी करने जा रही है और इसकी तैयारियां भी लगभग पूरी हो चुकी हैं. इस बातचीत से उम्मीद है कि दोनों पक्ष किसी समझौते पर पहुंच सकेंगे. 

इस मीटिंग के लिए जिस जगह को चुना गया है वह इस्लामाबाद सेरेना होटल है. बता दें कि बुधवार (8 अप्रैल) को, होटल मैनेजमेंट ने एक औपचारिक नोटिस जारी किया था जिसमें मेहमानों को यह बताया गया था कि पाकिस्तान की सरकार ने एक जरूरी कार्यक्रम के लिए इस प्रॉपर्टी को अपने अधिकार में ले लिया है. यह फैसला तुरंत लागू होगा और रविवार शाम तक जारी रहेगा.

लोगों से होटल खाली करने के लिए की गई पेशकश:

इस  नोटिस में यहां रहे सभी लोगों से शाम 5 बजे तक चेक-आउट करने को कहा गया था. साथ ही उनके रहने की वैकल्पिक व्यवस्था भी की गई. जनरल मैनेजर क्रिस्टोफ होफलिच ने पत्र पर हस्ताक्षर किए और हुई असुविधा के लिए खेद व्यक्त किया.

सीजफायर की बातचीत पर मंडरा रहा संकट:

ईरान और अमेरिका के बीच सीजफायर की बातचीत पर संकट मंडरा रहा है. ईरान ने धमकी देते हुए कहा है कि जब तक इजरायल लेबनान पर सैन्य हमले नहीं रोकता है, तब तक सीजफायर पर कोई शांति वार्ता नहीं होगी. बता दें कि यह वार्ता शनिवार को पाकिस्तान के इस्लामाबाद में शुरू होने वाली है. इससे पहले तेहरान ने मांग की है कि इजरायल लेबनाना पर सैन्य हमले तुरंत रोक दे. 

जानकारी के अनुसार, इस्लामाबाद में ईरानी प्रतिनिधिमंडल के पहुंचने की खबरें पूरी तरह से झूठी हैं. जब तक लेबनान में संघर्ष-विराम लागू नहीं हो जाता और इजराइल वहां अपने अभियान नहीं रोक देता, तब तक ईरान किसी भी शांति वार्ता में हिस्सा नहीं लेगा.

इजरायल के हमले से लेबनान में कई लोगों की हुई मौत:

रिपोर्ट्स के अनुसार, बुधवार को लेबनान पर इजरायल ने हमला किया था, जिसके बाद 300 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी. इसके जवाब में, ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया. यह तेल परिवहन का एक महत्वपूर्ण रास्ता है. इस कदम से अमेरिका के साथ सीजफायर टूटने का खतरा बढ़ गया है. ईरान अपने रुख पर अडिग है. ईरान के 10 सूत्रीय प्रस्ताव में लेबनान में युद्ध को समाप्त करना एक प्रमुख शर्त थी. 

लेबनान में संघर्ष को रोकना सीजफायर की शर्त का अहम हिस्सा:

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने भी कहा है कि लेबनान में संघर्ष को रोकना सीजफायर की आपसी सहमति का ही एक हिस्सा था. हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू दोनों ने ही यह साफ कर दिया था कि ईरान के साथ हुए सीजफायर में लेबनान शामिल नहीं है. ऐसे में इजराइल हिज्बुल्लाह के ठिकानों पर हमले करना जारी रखे हुए है.