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शांति की उम्मीद टूटी! पाकिस्तान नहीं पहुंचा ईरान, आज अमेरिका के साथ होनी है बातचीत; मीटिंग से किया इनकार

ईरान ने इस्लामाबाद में होने वाली अमेरिका के साथ शांति वार्ता की खबरों को पूरी तरह झूठा बता दिया है. ईरान का कहना है कि फिलहाल कोई टीम इस्लामाबाद नहीं पहुंची और लेबनान में हमले जारी रहने तक बातचीत संभव नहीं है. पाकिस्तान में भारी सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं, लेकिन ईरान की सख्त शर्तों से शांति की उम्मीदें कमजोर पड़ गई हैं.

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
शांति की उम्मीद टूटी! पाकिस्तान नहीं पहुंचा ईरान, आज अमेरिका के साथ होनी है बातचीत; मीटिंग से किया इनकार
Courtesy: grok

नई दिल्ली: ईरान और अमेरिका के बीच इस्लामाबाद में आज होने वाली शांति वार्ता को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची और संसद अध्यक्ष मोहम्मद बागर गालीबाफ इस्लामाबाद पहुंच चुके हैं. लेकिन ईरान ने इन खबरों को पूरी तरह गलत और भ्रामक बताया है.

ईरानी सरकारी सूत्रों ने साफ कहा कि दोनों नेता अभी तेहरान में हैं और कोई प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान नहीं गया है. ईरान का रुख बहुत सख्त है. वह कह रहा है कि जब तक लेबनान में सीजफायर नहीं लागू होता और इजराइल के हमले बंद नहीं होते, तब तक कोई बातचीत नहीं होगी. इस घटनाक्रम से शांति की उम्मीदें फिर से धूमिल हो गई हैं.

ईरान ने वार्ता की खबर की खारिज

ईरान ने वाल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट को सिरे से खारिज कर दिया है. सरकारी न्यूज एजेंसी तस्नीम के मुताबिक एक सूत्र ने कहा कि विदेश मंत्री अब्बास अराघची और संसद अध्यक्ष मोहम्मद बागर गालीबाफ दोनों तेहरान में मौजूद हैं. उन्होंने साफ किया कि मीडिया में चल रही खबर पूरी तरह गलत है. ईरान ने कहा कि ऐसी अफवाहें जानबूझकर फैलाई जा रही हैं ताकि भ्रम पैदा हो और ईरान का रुख कमजोर दिखे. ईरान का कहना है कि वह पाकिस्तान की मध्यस्थता की सराहना करता है, लेकिन बातचीत के लिए उसकी शर्तें पूरी होनी जरूरी हैं. फिलहाल लेबनान में हमले जारी हैं, इसलिए ईरान बातचीत के मूड में नहीं है. 

लेबनान में सीजफायर की शर्त

ईरान ने स्पष्ट रूप से कहा है कि जब तक अमेरिका लेबनान में सीजफायर लागू नहीं करवाता और इजराइल हमले बंद नहीं करता, तब तक कोई वार्ता संभव नहीं है. ईरानी संसद अध्यक्ष गालीबाफ ने चेतावनी देते हुए कहा कि अमेरिका और इजराइल के पास ज्यादा समय नहीं बचा है. अगर उन्होंने जल्द हमले नहीं रोके तो हालात और बिगड़ सकते हैं. ईरान सिर्फ स्थायी समाधान चाहता है, अस्थायी समझौते से उसे कोई फायदा नहीं है. फार्स न्यूज एजेंसी ने भी यही बात दोहराई कि तेहरान फिलहाल अमेरिका के साथ बातचीत में शामिल होने का इरादा नहीं रखता.

इस्लामाबाद में भारी सुरक्षा व्यवस्था

वार्ता की अफवाहों के बावजूद पाकिस्तान ने इस्लामाबाद को हाई अलर्ट पर रखा है. करीब 10,000 से ज्यादा पुलिसकर्मी और सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं. इस्लामाबाद और पंजाब पुलिस के साथ रेंजर्स और सेना भी सुरक्षा की निगरानी कर रही है. राजधानी का रेड जोन और हाई सिक्योरिटी इलाके पूरी तरह सील कर दिए गए हैं. कई रास्ते बंद हैं और एयरपोर्ट से ठहरने की जगह तक अलग रूट बनाए गए हैं. सुरक्षा इंतजाम इतने कड़े हैं कि आम लोगों की आवाजाही पर सख्त पाबंदी लगा दी गई है.

शांति की उम्मीदें कमजोर

ईरान की सख्त शर्तों और वार्ता से इनकार के बाद शांति की उम्मीदें काफी कमजोर पड़ गई हैं. ईरान कह रहा है कि वह केवल सच्चे और स्थायी समाधान की बात करेगा. पाकिस्तान मध्यस्थता की कोशिश कर रहा है, लेकिन ईरान की शर्तें पूरी होने तक आगे बढ़ना मुश्किल दिख रहा है. दोनों तरफ से दबाव बढ़ रहा है और लेबनान में जारी हमले स्थिति को और जटिल बना रहे हैं. फिलहाल इस्लामाबाद में सुरक्षा बल तैनात हैं, लेकिन असली वार्ता कब और कैसे होगी, यह अभी अनिश्चित है.