नई दिल्ली: मध्य पूर्व में हालात एक बार फिर अस्थिर होते दिख रहे हैं. अमेरिकी नौसेना का अब्राहम लिंकन कैरियर स्ट्राइक ग्रुप अमेरिकी सेंट्रल कमांड क्षेत्र में ईरान के करीब पहुंच चुका है. इसी बीच ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों को कुचलने की खबरें हैं. बढ़ते अंतरराष्ट्रीय दबाव और आंतरिक असंतोष के बीच ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई की सुरक्षा और उनके उत्तराधिकारी को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं.
अमेरिकी नौसेना ने अब्राहम लिंकन कैरियर स्ट्राइक ग्रुप को ईरान के आसपास तैनात कर अपनी सैन्य मौजूदगी मजबूत कर दी है. इस समूह में USS फ्रैंक ई. पीटरसन जूनियर, USS स्प्रूअन्स और USS माइकल मर्फी जैसे विध्वंसक शामिल हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे एहतियाती कदम बताया है और कहा है कि जरूरत पड़ने पर ही इसका इस्तेमाल किया जाएगा.
ईरान में हाल के महीनों में अयातुल्लाह खामेनेई के शासन के खिलाफ प्रदर्शन तेज हुए हैं. रिपोर्टों के अनुसार इन प्रदर्शनों को सख्ती से दबाया गया है. न्यूयॉर्क टाइम्स के सूत्रों का कहना है कि 1979 की इस्लामिक क्रांति के बाद से यह शासन अपने सबसे कमजोर दौर से गुजर रहा है. सरकार की कठोर कार्रवाई को भी कमजोरी के संकेत के रूप में देखा जा रहा है.
सोशल मीडिया और अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों में दावा किया जा रहा है कि 86 वर्षीय खामेनेई तेहरान में एक अंडरग्राउंड बंकर में रह रहे हैं. कुछ रिपोर्टों के मुताबिक यह परिसर सुरंगों से जुड़ा है और हमलों से बचाव के लिए बनाया गया है. ईरान इंटरनेशनल ने सूत्रों के हवाले से कहा है कि उन्हें राजधानी के उत्तर-पूर्वी इलाके में सुरक्षित स्थान पर रखा गया है.
अमेरिका स्थित एक्टिविज्म वेबसाइट इजरायल वॉर रूम ने दावा किया है कि खामेनेई ने बंकर में रहते हुए अपने संभावित उत्तराधिकारी को लेकर फैसला कर लिया है. हालांकि आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. संभावित नामों में मोजतबा खामेनेई, सादिक लारीजानी, अलीरेजा आराफी और हसन खोमैनी शामिल बताए जा रहे हैं. बताया जाता है कि एक्सपर्ट्स की असेंबली ने एक गोपनीय सूची तैयार की है.
खाड़ी देशों ने हाल ही में अमेरिका से ईरान पर हमला न करने की अपील की थी. उनका कहना है कि किसी भी सैन्य कार्रवाई से पूरा क्षेत्र युद्ध की चपेट में आ सकता है. इन चेतावनियों के बीच अमेरिकी सैन्य गतिविधियां और ईरान के भीतर सत्ता को लेकर अनिश्चितता मध्य पूर्व की स्थिरता पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं.