नई दिल्ली: ग्लोबल फायरपावर इंडेक्स 2026 जारी होने के साथ ही दुनिया की सैन्य ताकत की तस्वीर एक बार फिर साफ हो गई है. इस रैंकिंग में पाकिस्तान को बड़ा झटका लगा है. ऑपरेशन सिंदूर में करारी शिकस्त के बाद अब पाकिस्तानी सेना की वैश्विक रैंकिंग भी गिर गई है. पिछले साल 12वें स्थान पर रहने वाला पाकिस्तान इस बार फिसलकर 14वें पायदान पर पहुंच गया है.
ग्लोबल फायरपावर इंडेक्स दुनिया के 145 देशों की सैन्य क्षमता का आकलन करता है. यह रैंकिंग 60 से ज्यादा मानकों पर आधारित होती है. इनमें सैनिकों की संख्या, हथियार, टैंक, फाइटर जेट, नौसेना, रक्षा बजट, भूगोल और लॉजिस्टिक्स जैसे फैक्टर शामिल हैं. पावर इंडेक्स स्कोर जितना कम होता है, देश की सैन्य ताकत उतनी ज्यादा मानी जाती है.
Global Firepower Index 2026 released: the U.S., Russia and China take the top three spots, with India retaining its fourth place. Pakistan, which was decisively defeated by India in the May conflict, slips to 14th—replaced by Germany. Full report:https://t.co/R6G9knUPqS pic.twitter.com/659J3bT4U5
— Defence Matrix (@Defencematrix1) January 26, 2026
2026 की रैंकिंग में अमेरिका पहले स्थान पर बना हुआ है. रूस ने दूसरा और चीन ने तीसरा स्थान हासिल किया है. भारत ने अपनी मजबूत सैन्य क्षमता के दम पर चौथा स्थान बरकरार रखा है. भारत की ताकत बड़ी थल सेना, आधुनिक मिसाइल सिस्टम, राफेल फाइटर जेट और S-400 एयर डिफेंस सिस्टम से मानी जा रही है.
पाकिस्तान की रैंकिंग गिरने की बड़ी वजह मई 2025 में हुआ ऑपरेशन सिंदूर बताया जा रहा है. कश्मीर में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ यह सैन्य अभियान शुरू किया था. इस दौरान भारत ने पाकिस्तान के अंदर मिसाइल और एयर स्ट्राइक की. इन हमलों में पाकिस्तान की एयर डिफेंस और कई सैन्य ठिकानों को नुकसान पहुंचा.
चार दिन चले इस संघर्ष में भारत ने एयर सुपीरियरिटी हासिल कर ली थी. इसके बाद पाकिस्तान को संघर्षविराम की मांग करनी पड़ी. यूरोपीय और अंतरराष्ट्रीय सैन्य विश्लेषणों में इसे भारत की रणनीतिक जीत माना गया. इस संघर्ष ने पाकिस्तान की सैन्य कमजोरियों को उजागर कर दिया.
रैंकिंग में पाकिस्तान के नीचे खिसकने का एक कारण उसका आर्थिक संकट भी माना जा रहा है. पुराने हथियार, सीमित रक्षा बजट और लॉजिस्टिक चुनौतियों ने उसकी स्थिति को कमजोर किया है.
वहीं जर्मनी ने सुधार करते हुए पाकिस्तान को पीछे छोड़ दिया है. ग्लोबल फायरपावर इंडेक्स के मुताबिक भारत लगातार रक्षा आधुनिकीकरण पर जोर दे रहा है. INS विक्रांत, अग्नि मिसाइल और LCA तेजस जैसे प्रोजेक्ट्स भारत की स्थिति को मजबूत बना रहे हैं. आने वाले वर्षों में यह रैंकिंग और बदल सकती है.