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India Daily

क्या सच में मारे गए सैकड़ों अमेरिकी सैनिक? ईरान ने 14 US बेस को बनाया निशाना, वॉशिंगटन ने दावे से किया इनकार

ईरान में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने दावा किया कि उसने 14 US बेस को निशाना बनाया और सैकड़ों US सैनिक मारे गए. हालांकि वॉशिंगटन ने इस दावे से इनकार किया है.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
क्या सच में मारे गए सैकड़ों अमेरिकी सैनिक? ईरान ने 14 US बेस को बनाया निशाना, वॉशिंगटन ने दावे से किया इनकार
Courtesy: @Osama1Official x account

नई दिल्ली: ईरान में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने दावा किया कि उसने दोनों देशों के बीच हथियारों की बढ़ोतरी के बाद कई देशों में यूनाइटेड स्टेट्स के 14 मिलिट्री बेस को निशाना बनाया. इन हमलों में सैकड़ों US सैनिक मारे गए. हालांकि वॉशिंगटन ने इस दावे से इनकार किया है.

US-इजराइल के जॉइंट मिलिट्री ऑपरेशन के बाद जवाबी कार्रवाई में ईरानी मिसाइलों से निशाना बनने वाला पहला US बेस बहरीन था. बहरीन के जुफेयर इलाके में घने धुएं की एक परत देखी गई, जो US के पांचवें फ्लीट नेवल बेस का घर था. कई गवाहों ने धमाके की आवाज भी सुनी.

क्या US मिलिट्री के जवान की मौत हुई?

हालांकि जवाबी कार्रवाई में किसी भी US मिलिट्री के जवान की मौत नहीं हुई, क्योंकि जवाबी कार्रवाई US डिपार्टमेंट ऑफ डिफेंस द्वारा सभी मिलिट्री डिपेंडेंट्स के लिए डिपार्चर नोटिस जारी करने के कुछ घंटों बाद हुई. US एम्बेसी ने भी US नागरिकों को इजराइल, यूनाइटेड स्टेट्स और ईरान के बीच चल रहे संकट को देखते हुए सुरक्षित जगहों पर पनाह लेने के लिए अलर्ट किया. बहरीन के होम मिनिस्ट्री ने भी सायरन बजाया ताकि वहां रहने वाले अलर्ट हो सकें और सावधान रहें.

किन - किन जगहों पर हुआ हमला?

इस बीच बहरीन अकेला US बेस नहीं है जिस पर ईरानी मिसाइलों से हमला हुआ है. कतर, कुवैत और जॉर्डन जैसे देशों में कई दूसरे बेस पर भी ईरानी मिसाइलों से हमला हुआ है. कतर में ईरानी मिसाइलों ने अल उदीद एयर बेस पर हमला किया. कुवैत और अल सलीम मिलिट्री बेस और जॉर्डन में मुवफ्फाक अल-साल्टी मिलिट्री बेस को एक के बाद एक निशाना बनाया गया. इन सभी मिलिट्री बेस पर धमाकों की आवाज सुनी गई.

भारतीय एम्बेसी ने क्या जारी की एडवाइजरी?

कतर में हमले के बाद कतर में भारतीय एम्बेसी ने एक एडवाइजरी जारी की, जिसमें अपने नागरिकों से पूरी सावधानी बरतने और मिशन द्वारा जारी की गई खबरों और एडवाइजरी को मानने की अपील की गई.

रिपोर्ट में क्या आया सामने?

ईरान में इजराइल-US के जॉइंट मिलिट्री ऑपरेशन के बाद यूनाइटेड अरब अमीरात के कई हिस्से हिल गए. ऑपरेशन एपिक फ्यूरी यानी US कोडनेम और ऑपरेशन रोर ऑफ ए लायन यानी इजराइल कोडनेम के बाद ईरान के जवाबी हमले के दौरान अबू धाबी में धमाकों की आवाज सुनी गई. 

रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक दो रॉयटर्स रिपोर्टर समेत पांच गवाहों ने धमाके की आवाज सुनी, जब ईरान ने अबू धाबी पर मिसाइलें दागीं. मिसाइल हमले में एक व्यक्ति की मौत भी हो गई. अबू धाबी के दक्षिणी हिस्से में मौजूद अल धाफरा एयर बेस पर भी ईरान का मिसाइल हमला हुआ.