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India Daily

ईरान ने 23 साल बाद गिराए अमेरिकी फाइटर जेट्स, लापता पायलट को 'जिंदा या मुर्दा' पकड़ने पर भारी इनाम

अमेरिका को युद्ध के मैदान में 23 साल का सबसे बड़ा झटका लगा है. ईरान ने दो अमेरिकी लड़ाकू विमानों F-15 और A-10 को मार गिराया है.

Ashutosh Rai
Edited By: Ashutosh Rai
ईरान ने 23 साल बाद गिराए अमेरिकी फाइटर जेट्स, लापता पायलट को 'जिंदा या मुर्दा' पकड़ने पर भारी इनाम
Courtesy: X

अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रही खूनी जंग अब अपने छठे हफ्ते में एक बेहद संवेदनशील और खतरनाक बंधक संकट की ओर बढ़ रही है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को पाषाण युग में वापस भेजने की धमकी के कुछ ही दिनों बाद, अमेरिका को युद्ध के मैदान में 23 साल का सबसे बड़ा झटका लगा है. ईरान ने दो अमेरिकी लड़ाकू विमानों F-15 और A-10 को मार गिराया है.

ईरानी सीमा में लापता पायलट

F-15 जेट के दो क्रू सदस्यों में से एक को तो रेस्क्यू कर लिया गया है, लेकिन दूसरा पायलट अब भी ईरानी सीमा में लापता है. इस बीच, ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने इस अमेरिकी पायलट की तलाश में दक्षिण-पश्चिमी इलाके में एक बड़ा सर्च ऑपरेशन छेड़ दिया है. इलाके के गवर्नर ने खुलेआम ऐलान किया है कि जो भी व्यक्ति इस दुश्मन पायलट को जिंदा पकड़ेगा या मार गिराएगा, उसे भारी इनाम और सम्मान दिया जाएगा.

आसमान पर नियंत्रण के दावों की खुली पोल

यह 2003 के इराक युद्ध के बाद पहला मौका है जब किसी संघर्ष में अमेरिकी सैन्य विमान मार गिराया गया है. ईरानी मीडिया के अनुसार, एक अमेरिकी A-10 हमलावर विमान भी ईरानी हमले का शिकार होकर कुवैत में क्रैश हो गया. हालांकि, इसका पायलट सुरक्षित बाहर निकलने में कामयाब रहा.

इन घटनाओं ने ट्रंप प्रशासन के उन दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिनमें अमेरिकी सेना का 'आसमान पर पूरी तरह नियंत्रण' होने की बात कही गई थी. रॉयटर्स के मुताबिक, लापता पायलट की तलाश में गए अमेरिका के दो ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टरों पर भी ईरान ने फायरिंग की, जिन्हें किसी तरह बचकर निकलना पड़ा.

ईरान ने उड़ाया अमेरिका का मजाक

एक तरफ राष्ट्रपति ट्रंप व्हाइट हाउस से बचाव अभियान की पल-पल की मॉनिटरिंग कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ कूटनीतिक बातचीत पूरी तरह से ठप पड़ गई है. ईरान ने पाकिस्तान की मध्यस्थता में इस्लामाबाद में होने वाली शांति वार्ता से साफ इनकार कर दिया है. उल्टा, ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकेर गालिबफ ने X पर अमेरिका का मजाक उड़ाते हुए कहा कि जो युद्ध सत्ता परिवर्तन के लिए शुरू किया गया था, वह अब सिर्फ अपने लापता पायलटों की तलाश तक सिमट कर रह गया है.

युद्ध की भारी कीमत

इस युद्ध को लेकर अमेरिका के अंदर भी मतभेद उभर रहे हैं. जमीनी आक्रमण को लेकर इराक और वियतनाम की गलतियों की दुहाई दी जा रही है. इस युद्ध की कीमत दोनों तरफ चुकानी पड़ रही है. सेंट्रल कमांड के अनुसार, अब तक 13 अमेरिकी सैनिक मारे गए हैं और 300 से ज्यादा घायल हैं. 

ईरान के 4,000 से ज्यादा लोग मारे जा चुके

वहीं, अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के साथ शुरू हुए इन हमलों में ईरान के 4,000 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं. ईरान ने अब इजरायल पर मिसाइल हमलों के साथ-साथ बुशेहर परमाणु संयंत्र और पेट्रोकेमिकल ज़ोन के पास हुए अमेरिकी हमलों का भी कड़ा जवाब देना शुरू कर दिया है.