नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध पर हर दिन कुछ नई जानकारी सामने आ रही है. अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि इस जंग में ईरान की स्थिति काफी कमजोर हो गई है और वह अब अमेरिका के साथ समझौता करना चाहता हैं.
राष्ट्रपति ट्रंप ने विदेश मंत्री मार्को रूबियो और रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के साथ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कि हम ईरान के साथ बहुत अच्छा कर रहे हैं. उनकी नौसेना वायुसेना और सब कुछ खत्म हो चुका है. ईरान अब बस किसी तरह बातचीत को खींच रहा है.
ट्रंप ने इस कॉन्फ्रेंस के दौरान ईरान को चेतावनी देते हुए कहा कि ऐसी स्थिति में अमेरिका के पास केवल दो विकल्प हैं. पहला या तो कोई समझौता करना या दूसरा काम को पूरा करना. राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि ईरान की अर्थव्यवस्था पूरी तरह से हिल गई है. उनका देश तेजी से नीचे की ओर जा रहा है. ट्रंप ने कहा कि ईरान में महंगाई बढ़कर लगभग 250 प्रतिशत तक पहुंच गई है, साथ ही दावा किया कि ईरानी मुद्रा ने प्रभावी रूप से अपना मूल्य खो दिया है.
ट्रंप का कहना है कि ईरान का आर्थिक ढांचा पूरा टूट चुका है. उन्होंने तेहरान की परमाणु महत्वकांक्षाओं पर अपने पुराने बयान को दोहराते हुए कहा कि ईरान किसी भी हाल में परमाणु हथियार नहीं रख सकता क्योंकि वे इसका इस्तेमाल तुरंत कर लेंगे. उन्होंने कहा कि यह बात मैं पूरी दुनिया के लिए कह रहा हूं न कि सिर्फ अपने लिए.
President Trump Participates in a Cabinet Meeting, May 27, 2026 https://t.co/0nkOcTVnBj
— The White House (@WhiteHouse) May 27, 2026
इरान और अमेरिकी के इस युद्ध में सबसे ज्यादा चर्चा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की रही है. राष्ट्रपति ट्रंप ने इस मुद्दे पर वादा किया कि जंग खत्म होने के बाद यह प्रमुख शिपिंग मार्ग सभी के लिए खुला रहेगा. अमेरिका इस पर नजर रखेगा, लेकिन कोई भी देश इस पर नियंत्रण नहीं करेगा.
साथ ही उन्होंने इस समझौते में तेहान के लिए परमाणु पर लगे प्रतिबंधों में किसी भी तरह की राहत की संभावना को पूरी तरह से खारिज कर दिया. उन्होंने साफ कहा कि ईरान को अपना अत्याधिक संवर्धित यूरेनियम सौंपना होगा और इसके बदले में कोई आर्थिक रियायत की उम्मीद नहीं रखनी है. हालांकि जब यह सवाल पूछा गया कि अगर ईरान संवर्धित यूरेनियम रूस या चीन को सौंप दे तो क्या अमेरिका इस बात को स्वीकार करेगा? जिस पर ट्रंप ने साफ मना कर दिया.