मिडिल ईस्ट में तनाव अब थमता नजर नहीं आ रहा है. धीरे-धीरे जंग अब अपने रौद्र रुप में पहुंच रहा है. अमेरिका ने आज ईरान के सबसे बड़े पुल B1 पर हमला कर दिया. कराज स्थित B1 पुल अमेरिका के हमले में छतिग्रस्त हो गया, जिसके बाद ईरान ने बदले की चेतावनी जारी की है.
ईरान ने एक चौंकाने वाला कदम उठाते हुए खाड़ी देशों के आठ बड़े पुलों की सूची जारी की है. जारी किए गए लिस्ट में कुवैत, UAE, बहरीन और जॉर्डन के पुल का नाम बताया गया है. ईरान इस सूची को 'जैसे को तैसा' की रणनीति का हिस्सा मान रहा है.
ईरान की जारी सूची में शामिल प्रमुख पुल में कुवैत का शेख जाबेर अल-अहमद अल-सबाह सी ब्रिज, संयुक्त अरब अमीरात के शेख जायद ब्रिज, अल मक्ता ब्रिज और शेख खलीफा ब्रिज, सऊदी अरब-बहरीन को जोड़ने वाला किंग फहद कॉजवे, साथ ही जॉर्डन के किंग हुसैन ब्रिज, दामिया ब्रिज और अब्दून ब्रिज का नाम शामिल है.
ये सभी पुल क्षेत्र के आर्थिक और परिवहन केंद्रों से जुड़े हैं. विश्लेषकों का मानना है कि ईरान इन्हें रणनीतिक दबाव बनाने के लिए संभावित लक्ष्य के रूप में देख रहा है. अनादोलू एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, यह सूची ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स द्वारा संभावित जवाबी कार्रवाई की तैयारी का संकेत देती है. क्षेत्र में पहले से ही तनावपूर्ण माहौल में यह कदम अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए चिंता का विषय बन गया है.
ईरान के सबसे ऊंचे पुल B1 पर गुरुवार को हुए हमले ने पूरे देश को झकझोर दिया. 136 मीटर ऊंचाई वाला यह पुल अभी निर्माणाधीन था और तेहरान को पश्चिमी कराज से जोड़ने वाला था. हमले में पुल का बड़ा हिस्सा ढह गया, जिससे आसपास अफरा-तफरी मच गई. सरकारी टीवी और फार्स न्यूज एजेंसी के अनुसार, स्वास्थ्य अधिकारी घोडरातोल्लाह सेफ ने आठ लोगों की मौत और 95 लोगों के घायल होने की पुष्टि की है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हमले के बाद पुल से उठते धुएं का वीडियो शेयर करते हुए ईरान को कड़ी चेतावनी दी. उन्होंने लिखा कि ईरान का सबसे बड़ा पुल ढह गया है, अब इसका इस्तेमाल कभी नहीं हो पाएगा. अगर ईरान बातचीत के लिए तैयार नहीं हुआ तो, अभी तो और भी बहुत कुछ होना बाकी है.