menu-icon
India Daily

'ईरान तुरंत छोड़ो', भारत सरकार ने नागरिकों को दी सख्त सलाह, दूतावास ने जारी किए आपात नंबर

भारत सरकार ने ईरान में रह रहे अपने नागरिकों को तुरंत देश छोड़ने की सलाह दी है. भारतीय दूतावास ने सुरक्षित रास्तों से जल्दी निकलने को कहा है. यह सलाह अमेरिका-ईरान युद्धविराम की घोषणा के कुछ घंटे बाद जारी की गई है.

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
'ईरान तुरंत छोड़ो', भारत सरकार ने नागरिकों को दी सख्त सलाह, दूतावास ने जारी किए आपात नंबर
Courtesy: grok

नई दिल्ली: ईरान में जारी तनाव के बीच भारत सरकार ने अपने नागरिकों के लिए नई सलाह जारी की है. विदेश मंत्रालय और तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने भारतीयों से अनुरोध किया है कि वे युद्ध प्रभावित देश को जल्द से जल्द छोड़ दें. दूतावास ने साफ कहा है कि बिना पूर्व अनुमति के किसी भी अंतरराष्ट्रीय सीमा की ओर न जाएं. यह सलाह अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते के युद्धविराम की घोषणा के कुछ घंटे बाद आई है. फिलहाल ईरान में करीब 9,000 भारतीय मौजूद हैं.

भारत की नई सलाह

भारतीय दूतावास ने एक्स पर पोस्ट कर अपने नागरिकों से कहा है कि वे सुझाए गए रास्तों से तुरंत ईरान छोड़ दें. दूतावास ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि बिना दूतावास से समन्वय किए किसी भी अंतरराष्ट्रीय स्थल सीमा की ओर न बढ़ें. साथ ही आपातकालीन संपर्क नंबर भी जारी किए गए हैं- +989128109115, +989128109109, +989128109102 और +989932179359. ईमेल आईडी [email protected] पर भी संपर्क किया जा सकता है. दूतावास ने पहले मंगलवार शाम को 48 घंटे तक वहीं रहने की सलाह दी थी, लेकिन अब स्थिति बदलने के साथ निकलने की सलाह दी गई है.

ईरान में भारतीयों की स्थिति

जब फरवरी 28 को अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर संयुक्त हमले किए थे, तब ईरान में लगभग 9,000 भारतीय थे. इनमें बड़ी संख्या में छात्र भी शामिल हैं. अब तक करीब 1,800 भारतीय भारत वापस आ चुके हैं. बाकी लोग अभी भी वहां फंसे हुए हैं. सरकार की नई सलाह का मकसद इन्हें सुरक्षित रूप से निकालना है. दूतावास लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए है और भारतीयों को हर संभव मदद मुहैया करा रहा है.

युद्धविराम और ट्रंप का बयान

मंगलवार को अमेरिका और ईरान ने दो हफ्ते के युद्धविराम पर सहमति जताई. यह फैसला ट्रंप के 8 बजे शाम (भारतीय समय अनुसार सुबह 5:30 बजे) के अल्टीमेटम से ठीक एक घंटा पहले आया. ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि अगर ईरान होर्मुज स्ट्रेट की नाकेबंदी नहीं हटाता तो 'पूरी सभ्यता खत्म' हो जाएगी. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और आर्मी चीफ आसिम मुनीर ने ट्रंप से युद्धविराम की अपील की थी. शरीफ ने कहा है कि 10 अप्रैल को इस्लामाबाद में दोनों देशों के बीच बातचीत हो सकती है.

भारत की सतर्कता

भारत सरकार ईरान में फंसे अपने नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है. युद्धविराम होने के बावजूद स्थिति अभी भी नाजुक बनी हुई है. इसलिए सरकार ने सतर्क रहने और सुझाए गए रास्तों से निकलने की अपील की है. विशेषज्ञों का कहना है कि होर्मुज स्ट्रेट की स्थिति सामान्य होने पर ही पूर्ण राहत मिलेगी. भारतीय दूतावास लगातार अपडेट दे रहा है और जरूरत पड़ने पर और मदद उपलब्ध कराएगा. सरकार की यह सलाह भारतीयों की जान-माल की सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी कदम माना जा रहा है.