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India Daily

'यह बदलती व्यवस्था का प्रतीक', G7 में भारत की मौजूदगी पर कनाडाई पीएम मार्क कार्नी का बड़ा बयान

कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने कहा कि जी7 में भारत की भागीदारी बदलती वैश्विक व्यवस्था का प्रतीक है. उन्होंने जोर दिया कि वैश्विक चुनौतियों के समाधान के लिए व्यापक अंतरराष्ट्रीय सहयोग और नए दृष्टिकोण की जरूरत है.

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'यह बदलती व्यवस्था का प्रतीक', G7 में भारत की मौजूदगी पर कनाडाई पीएम मार्क कार्नी का बड़ा बयान
Courtesy: Social Media

नई दिल्ली: कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने कहा है कि जी7 शिखर सम्मेलन में भारत की भागीदारी वैश्विक शक्ति संतुलन में आ रहे बदलावों का स्पष्ट संकेत है. उनका मानना है कि दुनिया अब केवल कुछ चुनिंदा देशों के नेतृत्व तक सीमित नहीं रही और वैश्विक चुनौतियों के समाधान के लिए व्यापक साझेदारी की आवश्यकता है.

यूरोप दौरे के दौरान ट्रिनिटी कॉलेज डबलिन में आयोजित एक संवाद कार्यक्रम में कार्नी ने कहा कि यदि कभी जी7 वैश्विक मामलों में प्रमुख भूमिका निभाता भी था, तो अब परिस्थितियां बदल चुकी हैं. उन्होंने कहा कि मौजूदा दौर में अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर प्रभावी निर्णय लेने के लिए अधिक देशों और क्षेत्रों की भागीदारी जरूरी हो गई है.

भारत समेत कई देशों को मिला आमंत्रण

कार्नी ने बताया कि 52वें जी7 शिखर सम्मेलन में पारंपरिक सदस्य देशों के अलावा भारत, ब्राजील, मिस्र, केन्या और कई खाडी देशों को भी आमंत्रित किया गया है. उनके अनुसार, इन देशों की मौजूदगी से वैश्विक मुद्दों पर चर्चा को नया दृष्टिकोण मिलेगा और समाधान तलाशने की प्रक्रिया अधिक व्यापक बनेगी.

नई विश्व व्यवस्था की दिशा में महत्वपूर्ण बैठक

कनाडाई प्रधानमंत्री ने कहा कि यह सम्मेलन भविष्य की वैश्विक व्यवस्था को आकार देने में अहम भूमिका निभा सकता है. उन्होंने दावोस में विश्व आर्थिक मंच के दौरान दिए गए अपने संबोधन का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्तमान भू-राजनीतिक चुनौतियों के दौर में मध्यम शक्तियों को मिलकर काम करने की आवश्यकता है.

आर्थिक स्थिरता से लेकर एआई गवर्नेंस तक होगी चर्चा

सम्मेलन के एजेंडे में वैश्विक आर्थिक स्थिरता, ऊर्जा सुरक्षा, स्वास्थ्य सुरक्षा, यूक्रेन और मध्य पूर्व के संघर्षों के साथ-साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के नियमन जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि इन मुद्दों पर वैश्विक सहमति बनाने की दिशा में सम्मेलन महत्वपूर्ण साबित हो सकता है.

कार्नी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के तेजी से बढ़ते प्रभाव पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यह क्षेत्र अभी भी वैश्विक स्तर पर पर्याप्त रूप से विनियमित नहीं है. उन्होंने कहा कि साझा मानकों, सुरक्षा उपायों और जवाबदेही से जुडे नियमों पर चर्चा इस सम्मेलन का प्रमुख विषय होगी.

दुनिया के प्रमुख नेता होंगे शामिल

सम्मेलन में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी, इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी, जापान की प्रधानमंत्री सनाए तकाइची, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर और जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज शामिल होंगे. वहीं यूरोपीय संघ का प्रतिनिधित्व यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा करेंगे.

प्रधानमंत्री मोदी सहित कई वैश्विक नेताओं को निमंत्रण

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने जी7 सदस्य देशों के अलावा कई प्रमुख राष्ट्राध्यक्षों और सरकार प्रमुखों को भी आमंत्रित किया है. इनमें भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल सिसी, ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा, दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग और केन्या के राष्ट्रपति विलियम रुटो शामिल हैं.