भारत सरकार ने कतर के पूर्व अमीर और 'फादर आमिर' हिज हाइनेस शेख हमद बिन खलीफा अल-थानी के दुखद निधन पर उनके सम्मान में 13 जुलाई को एक दिवसीय राष्ट्रीय शोक घोषित किया है. केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, इस अवधि के दौरान पूरे देश में उन सभी इमारतों पर राष्ट्रीय ध्वज (तिरंगा) आधा झुका रहेगा जहां यह नियमित रूप से फहराया जाता है. इसके साथ ही, इस विशेष दिन पर सरकार की ओर से किसी भी प्रकार के आधिकारिक मनोरंजन या जश्न के कार्यक्रमों का आयोजन नहीं किया जाएगा.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कतर के पूर्व अमीर के निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी है. प्रधानमंत्री ने शेख हमद बिन खलीफा अल-थानी को एक दूरदर्शी राजनेता और महान मार्गदर्शक बताया, जिन्होंने कतर को विकास और समृद्धि की नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया. पीएम मोदी ने भारत-कतर संबंधों को मजबूत करने में उनके ऐतिहासिक योगदान को याद करते हुए कहा कि वे भारत के एक सच्चे और बेहद भरोसेमंद दोस्त थे, जिनका जाना दोनों देशों के लिए एक बड़ी क्षति है.
द्विपक्षीय संबंधों की संवेदनशीलता और कतर के साथ मजबूत ऐतिहासिक रिश्तों को देखते हुए, भारत सरकार की ओर से एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल वहां भेजा जा रहा है. आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, केंद्रीय संसदीय कार्य और अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रीजीजू जल्द ही कतर की यात्रा करेंगे. वे वहां कतर के शाही परिवार और वहां की जनता से मुलाकात कर भारत सरकार और देशवासियों की ओर से अपनी आधिकारिक शोक संवेदना प्रकट करेंगे.