मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने एक बार फिर होर्मुज जलडमरूमध्य को अपनी सुरक्षा रणनीति का सबसे अहम हिस्सा बताया है. ईरान के सर्वोच्च नेता के सलाहकार और पूर्व आईआरजीसी कमांडर मोहसिन रज़ाई ने कहा कि यह समुद्री मार्ग दर्जनों परमाणु बमों से भी अधिक महत्वपूर्ण है. उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका और ईरान के रिश्तों में फिर से तनाव बढ़ रहा है और दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंताएं गहरा रही हैं.
मोहसिन रज़ाई ने ईरानी समाचार एजेंसियों के हवाले से कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य केवल एक समुद्री रास्ता नहीं, बल्कि ईरान की सुरक्षा और राष्ट्रीय हितों की रक्षा करने वाला सबसे मजबूत रणनीतिक साधन है. उन्होंने कहा कि इस महत्वपूर्ण मार्ग की सुरक्षा करना इस्लामिक गणराज्य ईरान की प्राथमिक जिम्मेदारी है. रज़ाई के मुताबिक, देश की प्रतिरोधक क्षमता में इस जलडमरूमध्य की भूमिका बेहद निर्णायक है. उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां तेज बनी हुई हैं और समुद्री सुरक्षा अंतरराष्ट्रीय चर्चा का बड़ा विषय बन गई है.
रज़ाई की टिप्पणी ऐसे समय सामने आई है जब ईरानी सेना ने कहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य अगले आदेश तक बंद रहेगा. यह समुद्री मार्ग फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है तथा दुनिया के समुद्री तेल व्यापार का लगभग पांचवां हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है. ऐसे में यदि यहां आवाजाही प्रभावित होती है तो इसका सीधा असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर पड़ सकता है. अमेरिका ने ईरान से इस मार्ग पर जहाजों की निर्बाध आवाजाही बहाल करने की अपील की है, जबकि तेहरान ने संकेत दिया है कि यदि उसके खिलाफ सैन्य कार्रवाई जारी रही तो वह पहले हुए समझौतों का पालन करने के लिए बाध्य नहीं रहेगा.
इस बीच कतर ने अपने क्षेत्र और अन्य खाड़ी देशों तथा जॉर्डन की ओर दागी गई ईरानी मिसाइलों की निंदा करते हुए इसे गंभीर उकसावे वाली कार्रवाई बताया है. कतर के विदेश मंत्रालय ने जहाज मालिकों और समुद्री कंपनियों से अपील की है कि अगली सूचना तक फारस की खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य में नौवहन और समुद्री परिचालन अस्थायी रूप से रोक दें. कतर के अधिकारियों के अनुसार, रविवार को रोकी गई ईरानी बैलिस्टिक मिसाइलों का मलबा गिरने से कम से कम तीन लोग घायल हुए. वहीं पश्चिमी देश लगातार ईरान पर परमाणु हथियार कार्यक्रम चलाने का आरोप लगाते रहे हैं, हालांकि ईरान इन आरोपों से इनकार करते हुए अपने परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह शांतिपूर्ण और नागरिक उपयोग के लिए बताता है.