नई दिल्ली: श्रीलंका के खूनी गृहयुद्ध की पुरानी परतें एक बार फिर सामने आई हैं. जाफना के पास चेम्मानी में सामूहिक कब्र की खुदाई के दौरान बड़ी संख्या में मानव अवशेष मिले हैं. बच्चों के कंकाल और रोजमर्रा की चीजें मिलने से इस खोज ने युद्ध के दौरान लापता हुए लोगों की कहानी पर नए सवाल खड़े किए हैं.
श्रीलंका के चेम्मानी इलाके में चल रही खुदाई के दौरान अब तक 582 मानव कंकाल बरामद किए जा चुके हैं. रिपोर्टों के मुताबिक इनमें शिशुओं और बच्चों के अवशेष भी शामिल हैं. खुदाई के दौरान खिलौने, दूध की बोतलें, स्कूल बैग, जूते और चूड़ियां जैसी वस्तुएं भी मिली हैं.
एक कंकाल ऐसा भी मिला, जिसके दोनों हाथ छाती के पास बंधे हुए थे. इन बरामदगियों ने मामले की गंभीरता बढ़ा दी है. माना जा रहा है कि यहां मिले अवशेष उन नागरिकों के हो सकते हैं, जो श्रीलंका के लंबे गृहयुद्ध के दौरान लापता हो गए थे. हालांकि, अवशेषों की पहचान और मौत के कारणों को लेकर विस्तृत जांच अभी जरूरी है.
चेम्मानी को लंबे समय से श्रीलंका के गृहयुद्ध से जुड़े विवादित स्थलों में गिना जाता रहा है. 1983 में शुरू हुए संघर्ष में सरकार की सेनाओं और लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम यानी एलटीटीई के बीच दशकों तक लड़ाई चली. एलटीटीई अलग तमिल राज्य की मांग कर रहा था.
इस संघर्ष में एक लाख से अधिक लोगों के मारे जाने का अनुमान है और बड़ी संख्या में लोग आज भी लापता माने जाते हैं. जाफना क्षेत्र 1995 से युद्ध खत्म होने तक सैन्य नियंत्रण में रहा. चेम्मानी में पिछले साल भी करीब 240 मानव अवशेष मिले थे. ताजा खोज ने उस दौर में हुई कथित हिंसा और लापता लोगों की जांच को फिर चर्चा में ला दिया है.
चेम्मानी में सामूहिक कब्र होने का संदेह नया नहीं है. वर्ष 1998 में एक श्रीलंकाई सैनिक ने, एक स्कूली छात्रा के बलात्कार और हत्या के मामले में मुकदमे के दौरान, जांचकर्ताओं को कथित तौर पर बताया था कि सेना की हिरासत में रखे गए 300 से 400 तमिल लोगों को मारकर यहां दफनाया गया था.
इसके बाद 1999 में खुदाई कराई गई, जिसमें 15 कंकाल मिले थे. सरकारी जांच में इनमें से 10 कंकालों पर गंभीर चोट के निशान पाए गए थे. इसके बावजूद जांच आगे नहीं बढ़ सकी. लंबे समय तक धन की कमी और प्रशासनिक देरी के कारण मामला ठंडा पड़ा रहा. अब नई खुदाई ने पुराने आरोपों की जांच को फिर महत्वपूर्ण बना दिया है.
चेम्मानी में ताजा खुदाई की शुरुआत उस समय हुई, जब कुछ महीने पहले निर्माण कार्य के दौरान हिंदू श्मशान स्थल के पास मानव अवशेष मिले थे. इसके बाद बड़े पैमाने पर खुदाई शुरू की गई, जिसके लिए सरकार ने करीब 47,000 पाउंड यानी लगभग 62 लाख रुपये की राशि मंजूर की है.
श्रीलंका का गृहयुद्ध 2009 में एलटीटीई की हार के साथ समाप्त हुआ, लेकिन संघर्ष के दौरान हुए मानवाधिकार उल्लंघनों के आरोप आज भी संवेदनशील मुद्दा हैं. सुरक्षा बलों के साथ-साथ एलटीटीई पर भी अपहरण, हत्या, बलात्कार और अन्य अत्याचारों के आरोप लगते रहे हैं. इसलिए बरामद अवशेषों की वैज्ञानिक पहचान, मौत की वजह और जिम्मेदार लोगों तक पहुंचना इस जांच का सबसे अहम हिस्सा होगा.