नई दिल्ली: हिजबुल मुजाहिदीन के डिप्टी सुप्रीम कमांडर शमशीर खान का एक वीडियो सामने आने के बाद कश्मीर और पाकिस्तान से जुड़े आतंकवाद पर नई चर्चा शुरू हो गई है. वीडियो में वह कश्मीर में पाकिस्तानी आतंकियों की मौजूदगी का दावा करता दिखाई दे रहा है. यह वीडियो ऐसे समय सामने आया है, जब जम्मू-कश्मीर पुलिस आतंकियों के नेटवर्क पर लगातार कार्रवाई कर रही है. वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी हाल में ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए आतंकवाद के खिलाफ भारत की कार्रवाई का जिक्र किया.
सामने आए वीडियो में शमशीर खान एक सभा को संबोधित करते हुए कहता है कि कश्मीर का ऐसा कोई कब्रिस्तान नहीं है, जहां पाकिस्तान से आए आतंकियों को दफन न किया गया हो. उसने लोलाब, कुपवाड़ा और कठुआ जैसे इलाकों का भी उल्लेख किया. साथ ही उसने पाकिस्तान और कश्मीर के संबंधों पर भी टिप्पणी की.
बताया गया है कि यह वीडियो 8 जुलाई को मुजफ्फराबाद में आयोजित जमात-ए-इस्लामी के एक कार्यक्रम का है. वीडियो की सामग्री को लेकर विभिन्न स्तरों पर चर्चा हो रही है. इसमें दिए गए बयान को लेकर सुरक्षा एजेंसियों और संबंधित पक्षों की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है.
The mask is off once again.
— Fatima Dar (@FatimaDar_jk) July 10, 2026
For decades, Kashmiris have paid the heaviest price for terrórism and violence. A reported admission by Hizbul Mujahideen commander Shamsheer Khan about Pákistani fighters in Kashmir is a reminder of how Pákistan's interference has fueled suffering in… pic.twitter.com/qW6Fr2VKpg
इस घटनाक्रम से पहले जम्मू-कश्मीर पुलिस ने पाकिस्तान से संचालित हिजबुल मुजाहिदीन से जुड़े एक घोषित अपराधी की अचल संपत्ति जब्त की थी. पुलिस के अनुसार आरोपी पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर जाकर हथियारों का प्रशिक्षण लेने के बाद प्रतिबंधित संगठन से जुड़ गया था और फिलहाल पाकिस्तान से ही गतिविधियां संचालित कर रहा है.
ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि इस अभियान के दौरान भारत की रक्षा क्षमता की झलक पूरी दुनिया ने देखी. उनके अनुसार कार्रवाई आतंकवादी ठिकानों पर हुई, लेकिन उसकी गूंज वैश्विक स्तर पर महसूस की गई.
वीडियो के सामने आने और हालिया सुरक्षा कार्रवाइयों के बाद आतंकवाद, सीमा पार गतिविधियों और राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर बहस एक बार फिर तेज हो गई है. सुरक्षा एजेंसियां लगातार आतंकी नेटवर्क पर कार्रवाई कर रही हैं. वहीं सरकार का कहना है कि आतंकवाद के खिलाफ सख्त नीति आगे भी जारी रहेगी.