नई दिल्ली: रूस के पूर्वी क्षेत्र कामचटका प्रायद्वीप में हाल ही में एक बेहद शक्तिशाली शीतकालीन तूफान आया है. इस तूफान ने शहरों और कस्बों को पूरी तरह से प्रभावित किया और सड़कों तथा घरों को बर्फ की मोटी परत में ढक दिया. पेत्रोपावलोव्स्क-कामचात्सकी में बर्फ गिरने से कम से कम दो लोगों की मौत हो गई.
बताया गया कि बर्फ के भारी ढेर से लोग फंस गए और उन्हें समय रहते बाहर नहीं निकाला जा सका. ओखोट्स्क सागर में बने कई निम्न-दाब वाले सिस्टम्स ने कामचटका और आसपास के क्षेत्रों में जोरदार तूफान और बर्फबारी को जन्म दिया. इन तूफानों के कारण तेज हवाएँ चलीं, जिससे तापमान और भी अधिक ठंडा महसूस हुआ.
मौसम विज्ञानी चेतावनी दे रहे हैं कि भारी बर्फबारी के साथ सड़कें फिसलन भरी और यात्रियों के लिए खतरनाक हो सकती हैं. पेत्रोपावलोव्स्क-कामचात्सकी और येलिजोवस्की जिलों में तेज हवाओं की गति 25 से 30 मीटर प्रति सेकंड तक पहुंच रही है और तापमान 0 से 2 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है.
शहर के मेयर, येवगेनी बेल्याएव ने पहले मृतक की खबर के बाद पूरे शहर में आपातकालीन स्थिति घोषित की. इसका उद्देश्य बर्फ हटाने और प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाने के लिए अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध कराना था. रूस के आपातकालीन स्थिति मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया.
इस वीडियो में बचावकर्मी बर्फ में फंसे बुजुर्ग निवासियों तक पहुंचने के लिए बर्फ हटाते हुए दिखाई दे रहे हैं. वीडियो में यह भी देखा जा सकता है कि एक ऊंची इमारत की दूसरी मंजिल तक बर्फ जमा हो गई थी, जिससे घर में रहने वाले लोग बाहर नहीं निकल पा रहे थे.
No AI
— Linus ✦ Ekenstam (@LinusEkenstam) January 17, 2026
This is from Kamchatka in easter Russia. Where historical amounts of snow has pounded some 10feet, but in rare cases like here, piles up to 40 feet.
100% of Russia is currently covered in snow.
Extreme climate is new norm pic.twitter.com/HOittWoGA8
लगातार भारी बर्फबारी और तेज़ हवाओं के कारण कामचटका में जीवन लगभग ठप्प हो गया है. स्कूल बंद हैं, सार्वजनिक परिवहन रुक गया है और कई मोहल्ले पूरी तरह बर्फ में दब गए हैं. कामचटका के आपातकालीन मामलों के मंत्री, सर्गेई लेबेदेव ने लोगों से अपील की है कि वे छतों पर जमा भारी बर्फ से सतर्क रहें.
उन्होंने बताया कि एक 63 वर्षीय व्यक्ति घर की छत से गिरती बर्फ में दब गया और समय पर बचाया नहीं जा सका. मेयर बेल्याएव ने प्रॉपर्टी मैनेजमेंट कंपनियों की भी आलोचना की क्योंकि उन्होंने समय पर छतों से बर्फ नहीं हटाई और केवल तूफान के खत्म होने का इंतजार किया.