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India Daily

'अमेरिका पर 93 अरब यूरो का लगाएंगे टैरिफ', ग्रीनलैंड टैरिफ की धमकी के जबाव में यूरोपीय संघ ने किया ऐलान

यूरोपीय संघ ने अमेरिका पर 93 अरब यूरो तक के टैरिफ लगाने का फैसला किया, ट्रंप की ग्रीनलैंड टैरिफ धमकी के जवाब में, जिससे अमेरिका-यूरोप के बीच व्यापार और कूटनीतिक तनाव बढ़ गया है.

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
'अमेरिका पर 93 अरब यूरो का लगाएंगे टैरिफ', ग्रीनलैंड टैरिफ की धमकी के जबाव में यूरोपीय संघ ने किया ऐलान
Courtesy: social media

नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ग्रीनलैंड को लेकर टैरिफ की धमकी ने यूरोपीय देशों और अमेरिका के बीच कूटनीतिक तनाव को चरम पर पहुंचा दिया है. अमेरिका ने 1 फरवरी से आठ यूरोपीय देशों से आने वाले सामान पर टैरिफ बढ़ाने की चेतावनी दी है. इसके जवाब में यूरोपीय संघ ने 93 अरब यूरो तक के टैरिफ लगाने या अमेरिकी कंपनियों को यूरोपीय बाजार से बाहर करने पर विचार शुरू कर दिया है.

ट्रंप की टैरिफ धमकी

डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट किया कि अगर ग्रीनलैंड समझौता नहीं करता, तो 1 फरवरी से डेनमार्क, स्वीडन, फ्रांस, जर्मनी, नीदरलैंड्स, फिनलैंड, ब्रिटेन और नॉर्वे से आने वाले सामान पर 10% टैरिफ लगाया जाएगा. जून से इसे बढ़ाकर 25% किया जाएगा. ट्रंप ने ग्रीनलैंड पर अमेरिकी हितों को सर्वोपरि रखने की बात दोहराई और यह संकेत दिया कि कोई समझौता न होने पर कठोर कदम उठाए जाएंगे.

यूरोपीय संघ की आपात बैठक

ट्रंप की धमकी के बाद यूरोपीय संघ के राजदूतों ने ब्रुसेल्स में आपात बैठक की. जर्मनी, फ्रांस समेत कई देशों ने इसे ब्लैकमेल जैसा बताया और अमेरिकी कंपनियों को बाजार से बाहर करने पर विचार करने की बात कही. बैठक में यह तय हुआ कि यदि अमेरिका 1 फरवरी से टैरिफ लागू करता है, तो जवाबी टैरिफ पर विचार किया जाएगा.

संभावित जवाबी कार्रवाई

यूरोपीय संघ ने 93 अरब यूरो तक के टैरिफ लगाने की योजना बनाई है. इसके तहत अमेरिकी कंपनियों के लिए यूरोपीय बाजार को कठिन बनाया जा सकता है. इस कदम से अमेरिका-यूरोप के बीच व्यापारिक तनाव बढ़ने की संभावना है. शिखर सम्मेलन में भी इस मुद्दे पर चर्चा हो सकती है और कूटनीतिक रास्ते तलाशने पर जोर दिया जाएगा.

ग्रीनलैंड पर बढ़ता विवाद

ट्रंप ने बार-बार ग्रीनलैंड पर अमेरिकी अधिकार जताया है. इसके खिलाफ डेनमार्क और अन्य यूरोपीय देशों ने आर्कटिक क्षेत्र में सैनिकों की तैनाती बढ़ा दी है. विवाद के बीच दोनों पक्षों ने अपने-अपने हितों की रक्षा का प्रयास शुरू कर दिया है. ग्रीनलैंड का भविष्य ग्रीनलैंड और डेनमार्क को ही तय करना चाहिए, ऐसा कनाडा ने भी कहा.

अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया

कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने चिंता जताई और क्षेत्रीय अखंडता के समर्थन की बात कही. उन्होंने कहा कि यह स्थिति गंभीर है और वैश्विक आर्थिक मंचों पर इस पर ध्यान देने की जरूरत है. यूरोपीय संघ की प्रतिक्रिया से अमेरिका और यूरोप के बीच कूटनीतिक और आर्थिक तनाव और बढ़ गया है.