नई दिल्ली: अमेरिका में पांच साल के एक बच्चे की हिरासत को लेकर राजनीति तेज हो गई है. इस मामले ने अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सख्त इमिग्रेशन नीति पर नई बहस छेड़ दी है. डेमोक्रेट नेता कमला हैरिस ने इस घटना पर कड़ी नाराजगी जताई. हैरिस ने आरोप लगाया कि बच्चे को आईसीई ने चारे की तरह इस्तेमाल किया.
इक्वाडोर मूल के पांच वर्षीय बच्चे लियाम कोनेहो रामोस और उसके पिता को अमेरिकी इमिग्रेशन एजेंसी आईसीई ने टेक्सास में हिरासत में लिया.यह घटना उस समय हुई जब लियाम अपने पिता के साथ घर लौट रहा था. नीली टोपी और स्पाइडरमैन बैग पहने लियाम को उसके पिता के साथ डिटेंशन सेंटर ले जाया गया.
Liam Ramos is just a baby. He should be at home with his family, not used as bait by ICE and held in a Texas detention center.
— Kamala Harris (@KamalaHarris) January 22, 2026
I am outraged, and you should be too. pic.twitter.com/djr2z1AG0N
यह बीते कुछ हफ्तों में आईसीई द्वारा हिरासत में लिया गया चौथा बच्चा बताया जा रहा है. परिवार के वकील के अनुसार लियाम और उसके पिता अमेरिका में कानूनी रूप से शरणार्थी आवेदक के रूप में रह रहे थे. उन्होंने लियाम की तस्वीर साझा करते हुए कहा कि वह सिर्फ एक बच्चा है और उसे परिवार के साथ घर पर होना चाहिए.
वहीं उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने ट्रंप प्रशासन का बचाव किया. उन्होंने कहा कि कानून लागू करने पर उन्हें गर्व है. वेंस ने कहा कि शुरुआत में यह घटना उन्हें भी भयावह लगी. बाद में जानकारी मिली कि बच्चे को गिरफ्तार नहीं किया गया बल्कि अस्थायी रूप से हिरासत में रखा गया. वेंस के अनुसार बच्चे के पिता अवैध प्रवासी थे और गिरफ्तारी से बचने के लिए भाग गए.उन्होंने सवाल किया कि क्या ऐसे में बच्चे को अकेला छोड़ दिया जाना चाहिए था.
इस बीच अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग ने आरोपों को खारिज किया. विभाग ने कहा कि आईसीई ने किसी बच्चे को निशाना नहीं बनाया. उनके अनुसार पिता एजेंटों को देखकर भाग गया और बच्चे को छोड़ दिया. बच्चे की सुरक्षा के लिए एक अधिकारी उसके साथ रुका रहा. हालांकि स्कूल प्रशासन ने अलग दावा किया है.
कोलंबिया हाइट्स पब्लिक स्कूल्स की सुपरिंटेंडेंट जेना स्टेनविक ने कहा कि एजेंट बच्चे को घर के बाहर से ले गए. उन्होंने आरोप लगाया कि बच्चे से दरवाजा खुलवाने की कोशिश की गई. पड़ोसियों और स्कूल अधिकारियों ने बच्चे को अपने पास रखने की पेशकश भी की थी.
परिवार 2024 में अमेरिका आया था और उनका शरण आवेदन अभी लंबित है. लियाम एक प्रीस्कूल छात्र है और उसके शिक्षक ने उसे दयालु और स्नेही बच्चा बताया. स्कूल के अनुसार उसके सहपाठी उसे बहुत याद कर रहे हैं.