menu-icon
India Daily

'कितने हमलावर आए और गए, ईरान टिका रहा', राष्ट्रपति पेजश्कियान ने डोनाल्ड ट्रंप को दिखाई आंख

इजरायल, ईरान और अमेरिका के बीच भीषण युद्ध से दुनिया भर में आर्थिक संकट और तेल आपूर्ति की समस्या पैदा हो गई है. ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजश्कियान ने अपनी प्राचीन सभ्यता का हवाला देते हुए अमेरिका को कड़ा जवाब दिया है.

KanhaiyaaZee
'कितने हमलावर आए और गए, ईरान टिका रहा', राष्ट्रपति पेजश्कियान ने डोनाल्ड ट्रंप को दिखाई आंख
Courtesy: Social Media

नई दिल्ली: इजरायल, ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते सैन्य टकराव ने वैश्विक हलचल तेज कर दी है. खाड़ी देशों में अशांति फैलने से न केवल मानवीय संकट खड़ा हुआ है, बल्कि आर्थिक रूप से भी भारी नुकसान हो रहा है. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल की आपूर्ति बाधित होने से कई देशों में त्राहिमाम मचा है. जहां एक ओर डोनाल्ड ट्रंप ईरान को लगातार धमकियां दे रहे हैं, वहीं ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजश्कियान ने भी स्पष्ट कर दिया है कि ईरान झुकने वाला नहीं है.

युद्ध की विभीषिका के कारण दुनिया भर के बाजारों में अनिश्चितता का माहौल है. खाड़ी क्षेत्र से होने वाली तेल और गैस की आपूर्ति में रुकावट आने से कई एशियाई और यूरोपीय देशों में ऊर्जा संकट गहरा गया है. इससे न केवल ईंधन की कीमतें आसमान छू रही हैं, बल्कि वैश्विक व्यापारिक मार्गों पर भी खतरा बढ़ गया है. विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह युद्ध जल्द शांत नहीं हुआ, तो दुनिया को एक बड़ी आर्थिक मंदी और महंगाई का सामना करना पड़ सकता है.

डोनाल्ड ट्रंप की धमकियां और तनाव 

तनाव के बीच अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का रुख बेहद आक्रामक नजर आ रहा है. वे अपनी रैलियों और बयानों के जरिए लगातार ईरान को गंभीर सैन्य परिणाम भुगतने की धमकियां दे रहे हैं. ट्रंप के इस कड़े रुख ने अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में स्थिति को और भी विस्फोटक बना दिया है. अमेरिकी नेतृत्व का यह भारी दबाव ईरान को रक्षात्मक होने के बजाय और भी मुखर बना रहा है, जिससे शांति वार्ता की सभी संभावनाएं लगभग समाप्त होती नजर आ रही हैं.

ईरानी राष्ट्रपति का कड़ा संदेश 

इन धमकियों के बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजश्कियान ने सोशल मीडिया के माध्यम से अमेरिका को दो टूक जवाब दिया है. उन्होंने अपने संदेश में ईरान की प्राचीन विरासत और सैन्य अडिगता का उल्लेख किया है. पेजश्कियान ने स्पष्ट किया कि ईरान कोई ऐसा नया देश नहीं है जिसे बाहरी धमकियों से आसानी से डराया जा सके. उनका यह संदेश वैश्विक समुदाय को यह याद दिलाने के लिए है कि वे अपनी संप्रभुता की रक्षा हेतु किसी भी हद तक जा सकते हैं.

6000 साल पुरानी सभ्यता का गौरव 

राष्ट्रपति पेजश्कियान ने X पर पोस्ट कर कहा कि ईरान कम से कम 6,000 साल पुरानी सभ्यता का वारिस है. उन्होंने जोर देकर कहा कि इतिहास की तमाम मुश्किलों के बावजूद, कोई भी ताकत इस मशहूर नाम को मिटाने में कभी कामयाब नहीं हुई है. उनका मानना है कि जो लोग ईरान को खत्म करने का भ्रम पाले हुए हैं, उन्हें इतिहास का कोई ज्ञान नहीं है. उन्होंने यह भी याद दिलाया कि कई हमलावर आए और चले गए, लेकिन ईरान अपनी जगह मजबूती से टिका रहा.

क्षेत्रीय सुरक्षा और भविष्य की राह 

फिलहाल मध्य पूर्व में शांति की राह अत्यंत कठिन नजर आ रही है. ईरान का यह रुख दिखाता है कि वह किसी भी दबाव में पीछे हटने के मूड में नहीं है. क्षेत्रीय अशांति ने पड़ोसी खाड़ी देशों को भी अपनी आर्थिक और सुरक्षा रणनीतियों पर पुनर्विचार करने के लिए मजबूर कर दिया है. अंतरराष्ट्रीय संगठनों की मध्यस्थता अब तक बेअसर साबित हुई है. भविष्य में युद्ध के और गहराने की स्थिति में न केवल मध्य पूर्व, बल्कि पूरी दुनिया की स्थिरता दांव पर लगी होगी.