जलवायु कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग और 11 अन्य कार्यकर्ता रविवार दोपहर को इटली के सिसिली बंदरगाह कैटानिया से गाजा पट्टी की ओर रवाना हुए. फ्रीडम फ्लोटिला कोएलिशन द्वारा संचालित जहाज 'मदलीन' के जरिए वे इजरायल की नाकेबंदी तोड़ने और मानवीय सहायता पहुंचाने का प्रयास करेंगे.
गाजा में मानवीय संकट पर ध्यान
प्रेस कॉन्फ्रेंस में कार्यकर्ताओं ने कहा कि उनका लक्ष्य गाजा के तट तक पहुंचकर सहायता प्रदान करना और चल रहे मानवीय संकट पर "अंतरराष्ट्रीय जागरूकता" बढ़ाना है. ग्रेटा थनबर्ग ने भावुक होकर कहा, "हम यह इसलिए कर रहे हैं क्योंकि, चाहे कितनी भी मुश्किलें हों, हमें कोशिश जारी रखनी होगी." उन्होंने आगे कहा, "जिस क्षण हम कोशिश करना बंद करते हैं, हम अपनी मानवता खो देते हैं. और चाहे यह मिशन कितना भी खतरनाक हो, यह उस चुप्पी से कहीं कम खतरनाक है जो पूरी दुनिया ने लाइव-स्ट्रीम्ड नरसंहार के सामने अपनाई है." कार्यकर्ताओं को सात दिन की यात्रा की उम्मीद है, बशर्ते उन्हें रोका न जाए.
Greta Thunberg seen on board ‘Freedom Flotilla’ ship as she is set to head to Gaza alongside 11 other Free Palestine activists.
Thunberg is heading to Gaza to demand an end to the ‘siege’ and ‘apartheid.’ pic.twitter.com/RawfKmBJf6— Oli London (@OliLondonTV) May 31, 2025Also Read
इजरायल-हमास संघर्ष की पृष्ठभूमि
इजरायल ने गाजा पर नियंत्रण और हमास को नष्ट करने, निरस्त्र करने या निर्वासित करने का संकल्प लिया है, साथ ही 7 अक्टूबर 2023 के हमले में बंधक बनाए गए 58 लोगों की रिहाई की मांग की है. इस हमले में हमास के नेतृत्व वाले उग्रवादियों ने लगभग 1,200 लोगों, मुख्य रूप से नागरिकों, को मार डाला और 251 लोगों का अपहरण किया. गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इजरायल के जवाबी हमलों में लगभग 54,000 फिलिस्तीनी मारे गए हैं. इजरायल ने नरसंहार के आरोपों को "रक्तरंजित यहूदी-विरोधी" मानकर खारिज किया है. मई के मध्य में, इजरायल ने तीन महीने बाद नाकेबंदी में थोड़ी ढील दी, जिससे सीमित मानवीय सहायता गाजा में पहुंची. विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि गाजा में अकाल का खतरा है यदि और सहायता नहीं पहुंची.