Gaza–Israel conflict: संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष (यूएनएफपीए) के प्रतिनिधि डोमिनिक एलन ने गाजा के उत्तर में बच्चे की डिलीवरी सेवाएं प्रदान करने वाले अस्पतालों का दौरा करने के बाद कहा कि डॉक्टर रिपोर्ट कर रहे हैं कि वे अब सामान्य आकार के बच्चों को नहीं देखते हैं. हालांकि वे जो देखते हैं वह दुखद है. वो देखते है अधिक मृत जन्मे बच्चे और अधिक नवजात मौतें. जो कुपोषण के कारण होती हैं."
डोमिनिक एलन ने आगे कहा, "मैं व्यक्तिगत रूप से इस सप्ताह गाजा की दस लाख महिलाओं और लड़कियों के लिए भयभीत होकर गाजा छोड़ रहा हूं और विशेष रूप से उन 180 महिलाओं के लिए जो हर दिन बच्चे को जन्म दे रही हैं. जटिल प्रसवों की संख्या इजराइल के साथ संकट शुरू होने से पहले की तुलना में लगभग दोगुनी है. माताएं तनावग्रस्त, भयभीत, अल्पपोषित और थकी हुई हैं और देखभाल करने वालों के पास जरूरी सामान नहीं है."
एलन ने कहा कि यह मानवता का संकट है. प्रलय से भी परे है. वह जिस किसी के पास से गुजरा या उससे बात की, वह दुबला-पतला और भूखा था. जीवित रहने के लिए रोजना संघर्ष करने से थका हुआ दिखाई दे रहा था. एक सैन्य चौकी पर उन्होंने एक लड़के को देखा जो लगभग पांच साल का लग रहा था. वह अपने हाथ ऊंचे करके चलते हुए दिखाई दिया. वह डरा हुआ दिखाई दे रहा था जबकि उसकी बड़ी बहन एक सफेद झंडा पकड़े हुए पीछे चल रही थी. वास्तव में मेरा दिल टूट गया.
एलन ने कहा कि इजरायली अधिकारियों ने दाइयों के लिए किट जैसे कुछ यूएनएफपीए आपूर्ति शिपमेंट को अनुमति देने से इनकार कर दिया है और फ्लैशलाइट और सौर पैनल जैसी आपूर्ति हटा दी थी. हमास को नष्ट करने की अपनी नीतियों का बचाव करते हुए इजराइल ने कहा है कि संयुक्त राष्ट्र को इस क्षेत्र में और अधिक सहायता भेजनी चाहिए. संयुक्त राष्ट्र और गैर सरकारी संगठनों की रिपोर्टों को खारिज करते हुए कि इजरायल आवश्यक वस्तुओं की खपत को रोक रहे हैं.
आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक अभी तक हमले में इजराइल में लगभग 1,160 लोग मारे गए, जिनमें ज्यादातर नागरिक है. वहीं इजराइल के जवाबी अभियान में गाजा में कम से कम 31,490 लोग मारे गए हैं. जिनमें से अधिकांश महिलाएं और बच्चे हैं.