दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट 1073 बुधवार सुबह हादसे के बेहद करीब पहुंच गई थी. आरोप है कि को-पायलट ने कैप्टन को चाकू मार दिया और विमान को तेजी से जमीन की ओर ले जाने लगा. अब इस साजिश की परतें खुल रही हैं. अल अरबिया ने सूत्रों के हवाले से उसकी पहचान हमाम अल-हम्मामी के रूप में की है. आरोप है कि उसने भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर पर हमला किया.
बुरी तरह घायल होने के बावजूद कैप्टन कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाब रहे. इसके बाद यात्रियों और क्रू मेंबर्स के एक समूह ने आरोपी को काबू कर लिया. विमान में मौजूद दो रिजर्व पायलटों ने कमान संभाली और उसे सऊदी अरब में इमरजेंसी लैंडिंग कराई. गुरुवार को कैप्टन और को-पायलट, दोनों को सऊदी अरब से UAE ले जाया गया. इजरायल को उम्मीद है कि उसके अधिकारी आरोपी से पूछताछ कर सकेंगे.
अल अरबिया के मुताबिक उसके पिता ओमानी और मां सीरियाई हैं. कई मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उसने ज्यादातर जीवन यूएई में बिताया. हालांकि ओमान सरकार ने उसकी राष्ट्रीयता की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है. रिपोर्ट्स में दोहरी नागरिकता की आशंका भी जताई गई है. ओमान और इजरायल के बीच राजनयिक संबंध नहीं हैं, और ऐसे देशों के पायलटों को तेल अवीव की उड़ान संचालित करने की अनुमति नहीं है. दोहरी नागरिकता हो, तो यह समझ आ सकता है कि उसे इस रूट पर कैसे उड़ान भरने दी गई.
फ्लाईदुबई से जुड़ने से करीब आठ महीने पहले तक उसने ओमान एयर और मोरक्को की रॉयल एयर मारोक में काम किया. ओमान एयर में उसके कथित कट्टरपंथी विचारों पर नजर गई थी और वह कट्टरपंथी वेबसाइटों पर जाता पाया गया. चिंता बढ़ी तो उसे उड़ान की जिम्मेदारी से हटाकर ऑफिस का काम दे दिया गया. एक सहयोगी पायलट ने उसे 'बेहद कट्टर' बताया और दावा किया कि वह महिलाओं से हाथ नहीं मिलाता था.
सूत्रों के मुताबिक को-पायलट ने जांचकर्ताओं को बताया कि वह विमान को इजरायल में गिराना चाहता था. जांच UAE के नेतृत्व में हो रही है, जिसने ओमान में उसके पिछले रिकॉर्ड पर टिप्पणी से इनकार किया. प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और UAE शासक के एक वरिष्ठ सलाहकार ने इसे आतंकवाद बताया. इजरायल यह भी जांच रहा है कि उसने अकेले साजिश रची या कोई और भी शामिल था. विशेषज्ञों ने इसे सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी चूक बताया है.