नई दिल्ली: पश्चिमी एशिया में चल रहे तनाव और हमले का असर अब पाकिस्तान पर देखने को मिल रहा है. इन तनाव के कारण पाकिस्तान की हालत खराब होती दिख रही है. पाकिस्तान ने शुक्रवार को ईरान में चल रहे संघर्ष के कारण तेल की बढ़ती कीमतों का हवाला देते हुए डीजल और पेट्रोल की उपभोक्ता कीमतों में लगभग 20 फीसदी की वृद्धि की.
एक टेलीविजन वीडियो मैसेज में, पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज मलिक ने डीजल की कीमत में ऐतिहासिक रूप से 55 रुपये की भारी वृद्धि की घोषणा कर दी है.
पाकिस्तान पहले से ही गरीबी की मार झेल रहा है अब अमेरिका इजरायल और ईरान के बीच चल रही जंग के बीच पाकिस्तान के की मुश्किलें बढ़ गई हैं. दरअसल कुछ पाकिस्तानी मीडिया के अनुसार पाकिस्तानी पेट्रोलियम मंत्री, उप प्रधानमंत्री इशाक डार और वित्त मंत्री मुहम्मद औरंगजेब ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर तेल की नई कीमतों का ऐलान किया.
इस दौरान मंत्री ने कहा, 'पेट्रोलियम की कीमतों में वैश्विक स्तर पर हुई तीव्र वृद्धि के कारण हमें यह निर्णय विवशतावश लेना पड़ा है.' इस फैसले से महंगाई बढ़ने की संभावना है और इससे पाकिस्तान की गरीब आबादी प्रभावित होगी. बता दें वृद्धि के बाद डीजल की कीमत करीब 321.17 रुपये, पेट्रोल की कीमत 335.86 रुपये हो गई है.
पाकिस्तान मुख्य रूप से सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात से होर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से तेल आयात करता है.
तेल मंत्री ने कहा कि सरकार साप्ताहिक आधार पर कीमतों का पुनर्मूल्यांकन करेगी. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि यह फैसला इंटरनशनल बाजार की तेजी से बदलते हालात को देखते हुए लिया गया है.
युद्ध के दौरान होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने की आशंका है. जिस कारण अब पाकिस्तान तेल सप्लाई के लिए नए रास्ते की तलाश कर रही है. इसी बीच पाकिस्तान ने सऊदी अरब से वैकल्पिक तेल सप्लाई की मांग की है. इस दौरान पाकिस्तान पेट्रोलियम मंत्री ने पाकिस्तान स्थित सऊदी राजदूत नवाफ बिन सईद अल से मुलाकात की थी, इस मुलाकात में उन्होंने लाल सागर के यनबू पोर्ट के रास्ते तेल भेजने की अपील की है. मंत्री को उम्मीद है कि सऊदी अरब उनकी मदद करेगा.