नई दिल्ली: मध्य पूर्व युद्ध के बीच दुबई फिर से सुर्खियों में है. शुक्रवार को शहर के केंद्र में तेज विस्फोट की आवाजें गूंजीं और इमारतों के ऊपर घना काला धुआं छा गया. दुबई मीडिया ऑफिस ने इसे ड्रोन से जुड़ी छोटी घटना बताया, जिसमें इंटरसेप्शन के मलबे से एक इमारत की बाहरी दीवार को नुकसान पहुंचा. बुर्ज खलीफा के पीछे धुआं दिखने वाली वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है. कोई घायल नहीं हुआ, लेकिन इलाके में पुलिस ने घेराबंदी कर दी है. यह घटना 28 फरवरी से चल रहे संघर्ष की ताजा कड़ी है.
एएफपी संवाददाता ने बताया कि शहर के मध्य भाग में दो जोरदार धमाके हुए, जिनसे इमारतें हिल गईं. धुआं इतना घना था कि दूर से भी साफ दिख रहा था. बुर्ज खलीफा भी बैकग्राउंड में दिखाई दे रहा था. वीडियो में धुआं इमारतों के ऊपर फैलता हुआ नजर आया. लोग डर के मारे इमारतों से बाहर निकल आए.
दुबई मीडिया ऑफिस ने एक्स पर पोस्ट किया कि सफल इंटरसेप्शन के मलबे से सेंट्रल दुबई में एक इमारत की बाहरी दीवार को मामूली नुकसान हुआ. कोई चोट नहीं आई. पुलिस ने इलाके को सील कर दिया है. डीआईएफसी क्षेत्र में घटना हुई. गुरुवार को भी अल बदआ इलाके में ड्रोन घटना की सूचना थी.
Authorities confirm that debris from a successful interception caused a minor incident on the façade of a building in central Dubai. No injuries have been reported.
— Dubai Media Office (@DXBMediaOffice) March 13, 2026
पुलिस ने शेख जायद रोड की ओर से सायरन बजते सुने जाने की पुष्टि की. इलाके में तलाशी अभियान चलाया गया है. इमारत को काफी नुकसान पहुंचा है. अधिकारियों ने लोगों से शांत रहने और अफवाहों पर विश्वास न करने की अपील की है. जांच जारी है और सुरक्षा बढ़ा दी गई है.
यहां देखें वीडियो
🇦🇪 New explosions and interceptions were recorded in Dubai (including the DIFC and Al Bada'a areas).
— Argonaut (@FapeFop90614) March 13, 2026
Several loud explosions and smoke clouds were reported over residential and commercial areas near the financial center. pic.twitter.com/6JM7BJo3Rj
28 फरवरी से शुरू हुए मध्य पूर्व युद्ध में खाड़ी देश सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं. अब तक 24 लोग मारे गए हैं, जिनमें 7 अमेरिकी सैनिक और 11 नागरिक शामिल हैं. दुबई पर यह दूसरी घटना है. विशेषज्ञों का कहना है कि ईरान के हमलों से खाड़ी में अस्थिरता बढ़ रही है और शहरों की सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं.