गर्भवती महिलाओं के लिए सबसे सुरक्षित दर्दनिवारक दवा मानी जाने वाली पेरासिटामोल को लेकर अमेरिका में नया विवाद खड़ा हो गया है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और स्वास्थ्य सचिव रॉबर्ट एफ. कैनेडी जूनियर ने दावा किया है कि यह दवा बच्चों में ऑटिज्म का कारण हो सकती है.
वहीं, चिकित्सा समुदाय और दवा निर्माता कंपनियों ने इन दावों को सिरे से खारिज किया है. उनका कहना है कि पेरासिटामोल और ऑटिज्म के बीच कोई प्रत्यक्ष वैज्ञानिक संबंध मौजूद नहीं है.
शनिवार को अपने समर्थकों से बातचीत के दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वह जल्द ही ऑटिज्म को लेकर बड़ा खुलासा करेंगे. उन्होंने इशारा किया कि पेरासिटामोल (अमेरिका में टाइलेनॉल) इसका कारण हो सकता है. इसके साथ ही खबर आई कि फोलीनिक एसिड (लीयूकोवोरिन) नामक दवा से ऑटिज्म के कुछ लक्षणों में राहत मिल सकती है. ट्रंप ने इसे अपनी सबसे अहम प्रेस कॉन्फ्रेंस में से एक बताया.
मोनाश यूनिवर्सिटी की डॉ. हन्ना किर्क और डरहम यूनिवर्सिटी की डॉ. मोनिक बोथा ने कहा कि पेरासिटामोल और ऑटिज्म के बीच कोई मजबूत सबूत नहीं हैं. उनके अनुसार, अब तक कुछ अध्ययनों में मामूली संबंध की बात जरूर कही गई है, लेकिन ‘एसोसिएशन’ का मतलब ‘कारण’ नहीं होता. उन्होंने चेताया कि इस तरह के दावे महिलाओं को आवश्यक चिकित्सा देखभाल लेने से रोक सकते हैं और यह गर्भस्थ शिशु के लिए भी हानिकारक हो सकता है.
दवा निर्माता कंपनी Kenvue ने भी कहा है कि पेरासिटामोल गर्भवती महिलाओं के लिए सबसे सुरक्षित विकल्प है और इसके बिना महिलाएं खतरनाक विकल्पों की ओर जा सकती हैं. एनएचएस भी इसे गर्भवती महिलाओं के लिए सुझाता है, हालांकि सीमित समय और कम खुराक में. कंपनी ने दावा किया कि एक दशक से अधिक समय के शोध और स्वास्थ्य एजेंसियों की समीक्षा से साबित होता है कि पेरासिटामोल और ऑटिज्म के बीच कोई विश्वसनीय संबंध नहीं है.
हाल ही में माउंट साइनाई और हार्वर्ड स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ के शोध में संकेत मिले कि पेरासिटामोल का संबंध ऑटिज्म और एडीएचडी से हो सकता है. हालांकि विशेषज्ञ इसे निर्णायक नहीं मानते. दूसरी ओर, लीयूकोवोरिन नामक दवा, जो फोलिक एसिड से बनी है और मात्र 2 डॉलर की है, गैर-मौखिक बच्चों में सकारात्मक नतीजे दिखा रही है. डॉक्टरों का मानना है कि फोलेट सप्लीमेंट गर्भावस्था में पहले से ही न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट रोकने के लिए सुझाए जाते हैं और यह नया शोध उम्मीद जगाता है.