menu-icon
India Daily

सीमा दीवार, सैन्य खर्च और टैक्स कटौती पर जोर, ट्रंप का ये बिल अमेरिका को दो फाड़ कर सकता है!

अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के महत्वाकांक्षी विधेयक 'वन बिग ब्यूटीफुल बिल एक्ट' ने सीनेट में प्रारंभिक बाधा पार कर ली है. 940 पन्नों के इस विधेयक में सैन्य खर्च में $150 बिलियन की बढ़ोतरी, सीमा दीवार के लिए फंडिंग और बड़े स्तर पर निर्वासन जैसे प्रस्ताव हैं. हालांकि, इस बिल में मेडिकेड और स्वच्छ ऊर्जा कार्यक्रमों में भारी कटौती का भी प्रावधान है, जिससे भारी राजनीतिक विरोध शुरू हो गया है.

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
सीमा दीवार, सैन्य खर्च और टैक्स कटौती पर जोर, ट्रंप का ये बिल अमेरिका को दो फाड़ कर सकता है!
Courtesy: web

अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के महत्वाकांक्षी विधेयक 'वन बिग ब्यूटीफुल बिल एक्ट' ने सीनेट में प्रारंभिक बाधा पार कर ली है. 4 जुलाई से पहले ही इस कानून को पारित कराने की कोशिश में जुटे ट्रंप प्रशासन को सीनेट में पहली सफलता मिल गई है. रिपब्लिकन पार्टी की अगुवाई में यह बिल शनिवार रात 51-49 मतों से पहले चरण में पारित हो गया है. अब इसे अगले दौर की चर्चा के लिए सीनेट में आगे बढ़ाया गया है. हालांकि, विपक्ष ने इसे जल्दबाज़ी में पारित करने की कोशिश करार दिया है.

रातभर चली वोटिंग में हुआ फैसला

रिपब्लिकन पार्टी के अंदर चली बंद कमरे की बातचीत और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के दबाव के बाद विस्कॉन्सिन के सीनेटर रॉन जॉनसन को बिल का समर्थन करने के लिए मनाया गया. लेकिन रैंड पॉल और थॉम टिलिस ने सभी डेमोक्रेट्स के साथ मिलकर इसके खिलाफ वोट किया. डेमोक्रेट नेता चक शूमर ने बिल की अचानक पेशकश की आलोचना की और मांग की कि इसे पूरी तरह से पढ़ा जाए, जिससे लगभग 15 घंटे का समय लग सकता है.

बिल में क्या है विवादित?

इस बिल की सबसे बड़ी आलोचना मेडिकेड में कटौती को लेकर हो रही है, जिससे अनुमानित 86 लाख अमेरिकी नागरिकों का स्वास्थ्य बीमा खतरे में पड़ सकता है. साथ ही ग्रामीण अस्पतालों पर भी असर पड़ेगा. इसके अलावा ओवरटाइम वेतन पर टैक्स हटाने और स्वच्छ ऊर्जा कार्यक्रमों की कटौती को लेकर भी चिंता जताई जा रही है. एलन मस्क ने इसे “राजनीतिक आत्महत्या” बताते हुए कड़ी आलोचना की है.

आगे क्या होगा?

यदि यह बिल सीनेट में पारित हो जाता है, तो इसे प्रतिनिधि सभा में वापस भेजा जाएगा. वहां भी रिपब्लिकन पार्टी को अपनी ही पार्टी के भीतर कंजरवेटिव और मॉडरेट गुटों के विरोध का सामना करना पड़ सकता है. छोटी बहुमत के कारण अगर कुछ भी सदस्य पीछे हटते हैं, तो यह बिल राष्ट्रपति ट्रंप तक पहुंचने से पहले ही खारिज हो सकता है.