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ईरान का ऐलान! स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को केवल 'गैर-दुश्मन' जहाज कर पाएंगे पार, अधिकारियों से करना होगा 'कोऑर्डिनेट'

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के प्रभावित होने से पूरी दुनिया पर असर पड़ना शुरू हो गया है. इसी बीच ईरान ने ऐलान किया है कि होर्मुज से केवल वही जहाज पास कर पाएंगे जो हमारे दुश्मन नहीं होंगे.

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Edited By: Shanu Sharma
ईरान का ऐलान! स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को केवल 'गैर-दुश्मन' जहाज कर पाएंगे पार, अधिकारियों से करना होगा 'कोऑर्डिनेट'
Courtesy: X (@ANI)

मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बुरी तरह प्रभावित है. इसके कारण पूरी दुनिया को नुकसान हो रहा है. इसी बीच ईरान ने ऐलान किया है कि इस रास्ते से केवल गैर-दुश्मन जहाजों को गुजरने की अनुमति दी जाएगी. यह जानकारी न्यूयॉर्क में स्थित ईरानी मिशन द्वारा सोशल मीडिया के माध्यम से दी गई.

ईरानी मिशन ने साफ कहा कि किसी भी दूसरे देशों से जुड़े या संबंधित जहाज, जो ईरान के खिलाफ किसी भी आक्रामक कार्रवाई में हिस्सा लेंगे उन्हें यहां से पार नहीं करने दिया जाएगा. इसलिए कोई भी ऐसी कार्रवाइयों का हिस्सा ना बनें और न ही उसका समर्थन करें. 

ईरान ने दी सभी देशों को चेतावनी

ईरानी मिशन ने कहा कि घोषित सुरक्षा व संरक्षा नियमों का पालन करते हुए सुरक्षित मार्ग का लाभ उठाया जा सकता हैं. इसके लिए सक्षम ईरानी अधिकारियों के समन्वय करना होगा. ईरानी रक्षा परिषद ने भी इस संबंध में सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गैर-दुश्मन जहाजों का गुजरना अब पूरी तरह से ईरानी अधिकारियों के साथ पहले से समन्वय पर निर्भर करेगा.

परिषद ने चेतावनी दी कि देश के बिजली संयंत्रों और ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर किसी भी हमले का तत्काल, निर्णायक और विनाशकारी जवाब दिया जाएगा. यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरानी क्षेत्र पर सैन्य कार्रवाई का आरोप लगाया जा रहा है. ईरान का कहना है कि यह कदम क्षेत्रीय सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय नौवहन की स्वतंत्रता को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है.

होर्मुज के कारण दुनिया प्रभावित

बता दें कि होर्मुज ओमान और ईरान के बीच स्थित है, जो फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है. वैश्विक तेल व्यापार का लगभग 20 प्रतिशत इसी रास्ते से गुजरता है, इसलिए इसे दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल चोकपॉइंट्स में गिना जाता है. हाल के संघर्ष के कारण यह बुरी तरह प्रभावित हुआ है, जिससे वैश्विक तेल की कीमतों में उछाल आया है.

ईरान की नई नीति से कुछ जहाजों को राहत मिल सकती है, लेकिन अमेरिका और इजरायल से जुड़े जहाजों को स्पष्ट रूप से बाहर रखा गया है. हालांकि इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होमलैंड सिक्योरिटी सेक्रेटरी के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान दावा किया कि अमेरिका ने युद्ध जीत लिया है और ईरान की नौसेना तथा वायुसेना पूरी तरह तबाह हो चुकी है. हालांकि ईरान के अधिकारियों की ओर से इन दावों को खारिज किया गया है.