नई दिल्ली: इस हफ्ते की शुरुआत में US राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अध्यक्षता में व्हाइट हाउस में ईरान के साथ संभावित डील पर फैसला लेने के लिए हुई एक बैठक बिना किसी नतीजे के खत्म हो गई. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक ट्रंप प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि राष्ट्रपति बिना कोई फैसला लिए ही दो घंटे चली इस बैठक से बाहर निकल गए.
शुक्रवार को हुई इस बैठक से पहले ट्रंप ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में जोर देकर कहा था कि सीजफायर को आगे बढ़ाने वाली किसी भी डील में ईरान द्वारा संघर्ष-ग्रस्त स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलना शामिल होगा.
उन्होंने यह भी कहा था कि तेहरान की यह प्रतिबद्धता कि वह कभी भी परमाणु बम नहीं बनाएगा और अमेरिका को अपना एनरिच्ड यूरेनियम हटाने की अनुमति देगा, किसी भी समझौते के लिए वॉशिंगटन की मुख्य शर्तों में से एक बनी हुई है.
ईरान ने बार-बार इन शर्तों का विरोध किया है. AP द्वारा उद्धृत अनाम अधिकारी ने कहा कि ट्रंप केवल उसी डील पर हस्ताक्षर करेंगे जो उनकी रेडलाइन को पूरा करती हो और तेहरान की परमाणु महत्वाकांक्षाओं पर रोक लगाती हो.
व्हाइट हाउस में अपने सहयोगियों के साथ हुई इन उच्च-स्तरीय वार्ताओं की पुष्टि ट्रंप ने तब की, जब कई समाचार आउटलेट्स ने एक दिन पहले यह रिपोर्ट दी थी कि US और ईरानी वार्ताकार एक अस्थायी समझौते पर सहमत हो गए हैं.
यह डील आपस में लड़ रहे पक्षों के बीच नाजुक सीजफायर को 60 दिनों के लिए आगे बढ़ा देगी, ताकि ईरान के विवादित परमाणु कार्यक्रम पर नई बातचीत हो सके. व्हाइट हाउस के सिचुएशन रूम में शुक्रवार को हुई बैठक से पहले, ट्रंप ने 'ट्रुथ सोशल' पर एक पोस्ट में कहा था कि वह ईरान के संबंध में अंतिम फैसला लेने पर विचार कर रहे हैं.
ट्रंप ने लिखा कि ईरान को इस बात पर सहमत होना होगा कि वे कभी भी कोई परमाणु हथियार या बम नहीं बनाएंगे. US राष्ट्रपति ने आगे कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को अंतरराष्ट्रीय नौवहन के लिए फिर से खोला जाना चाहिए और समुद्र में बिछाई गई सभी बारूदी सुरंगों को नष्ट कर दिया जाना चाहिए.