अमेरिका और चीन के बीच लंबे समय से चले आ रहे व्यापारिक तनाव के बीच मैड्रिड में हुई वार्ता को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आशावादी रुख दिखाया है.
उन्होंने कहा कि बैठक काफी अच्छी रही और जल्द ही इसका निष्कर्ष सामने आएगा. ट्रंप ने अपने बयान में टिकटॉक को लेकर भी एक संकेत दिया, जिससे यह अटकलें तेज हो गई हैं कि इस ऐप पर अमेरिका में बैन की तलवार टल सकती है.
राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा, 'यूरोप में अमेरिका और चीन के बीच हुई बड़ी ट्रेड मीटिंग बहुत अच्छी रही है. यह जल्द ही पूरी हो जाएगी.' उन्होंने आगे कहा कि एक 'कंपनी' को लेकर भी डील हो गई है, जिसे बचाना अमेरिकी युवाओं के लिए बेहद जरूरी था.
हालांकि ट्रंप ने नाम नहीं लिया, लेकिन माना जा रहा है कि उनका इशारा टिकटॉक की ओर था. गौरतलब है कि अमेरिकी कानून के अनुसार टिकटॉक को गैर-चीनी खरीदार ढूंढना होगा, अन्यथा ऐप पर पूरी तरह प्रतिबंध लग जाएगा.
ट्रंप ने यह भी घोषणा की कि वह इसी हफ्ते चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से बातचीत करेंगे. उन्होंने लिखा, 'मैं शुक्रवार को राष्ट्रपति शी से बात करूंगा. हमारे रिश्ते अब भी बेहद मजबूत हैं.' यह बयान ऐसे समय आया है जब टिकटॉक पर फैसला टलता जा रहा है. अमेरिका पहले ही कई बार ऐप की बिक्री की अंतिम तारीख को बढ़ा चुका है.
स्पेन की राजधानी मैड्रिड स्थित पालासियो डे सांता क्रूज़ में दोनों देशों के प्रतिनिधियों के बीच यह बैठक हुई. अमेरिका की ओर से ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट और चीन की ओर से वाइस प्रीमियर हे लीफेंग ने भाग लिया. चर्चाओं में टिकटॉक का मुद्दा प्रमुख रहा.
चीन की सरकारी एजेंसी शिन्हुआ ने भी बताया कि बैठक में आर्थिक और व्यापारिक विवादों पर विस्तार से चर्चा हुई. स्पेन सरकार ने भी इन वार्ताओं की पुष्टि की है. बैठक बुधवार तक जारी रहेगी.
अमेरिका–चीन व्यापार संबंध इस साल बेहद तनावपूर्ण रहे हैं. दोनों देशों ने एक-दूसरे के सामान पर भारी टैरिफ लगाए, जिससे वैश्विक सप्लाई चेन प्रभावित हुई. फिलहाल दोनों पक्षों ने टैरिफ को अस्थायी तौर पर घटाकर क्रमशः 30% और 10% किया है.
अगस्त में हुई एक नई डील के तहत इन टैरिफ को 90 दिनों तक स्थगित किया गया है, यानी 10 नवंबर तक राहत बनी रहेगी. इस बीच, टिकटॉक का भविष्य सबसे बड़ा सवाल बना हुआ है. अमेरिकी सरकार ने 17 सितंबर तक का समय दिया था कि टिकटॉक किसी गैर-चीनी कंपनी को बेचा जाए, लेकिन यह समय सीमा पहले ही तीन बार बढ़ाई जा चुकी है. अब ट्रंप के हालिया बयान से यह संकेत मिला है कि कोई रास्ता निकल सकता है.