मिडिल ईस्ट में जारी भीषण जंग के 27वें दिन अंतरराष्ट्रीय राजनीति में बड़ा उबाल आ गया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल के जरिए ईरान को खुली चुनौती दी है. ट्रंप का दावा है कि ईरानी वार्ताकार पर्दे के पीछे समझौते के लिए भीख मांग रहे हैं, जबकि दुनिया के सामने अकड़ दिखा रहे हैं. ट्रंप ने साफ लहजे में कहा, "जल्द सीरियस हो जाओ, वरना पीछे मुड़ने का रास्ता भी नहीं बचेगा."
ट्रंप ने कहा कि ईरान की सैन्य क्षमता अब लगभग शून्य हो चुकी है और उसके दोबारा खड़े होने की कोई गुंजाइश नहीं है. उन्होंने ईरान के व्यवहार को अजीब बताते हुए चेतावनी दी कि समय तेजी से हाथ से निकल रहा है. यह बयान तब आया है जब ईरान ने अपनी 5 शर्तों के बिना युद्ध खत्म करने से इनकार कर दिया है.
जहां ईरान का कहना है कि युद्ध उसकी शर्तों पर खत्म होगा, वहीं अमेरिका ने 15 बिंदुओं वाला एक विस्तृत सरेंडर प्लान ईरान के सामने रखा है.
1. हमलों और हत्याओं के दौर पर तुरंत रोक.
2. सभी मोर्चों पर युद्ध की पूर्ण समाप्ति.
3. भविष्य में युद्ध न होने का ठोस अंतरराष्ट्रीय तंत्र.
4. युद्ध से हुए नुकसान का पूरा मुआवजा.
5. होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान की संप्रभुता को मान्यता.
अमेरिका ने ईरान को पूरी तरह निहत्था करने का प्लान बनाया है:
बदले में क्या मिलेगा? अगर ईरान ये शर्तें मानता है, तो अमेरिका प्रतिबंध हटाएगा और बिजली उत्पादन में सहयोग करेगा.
28 फरवरी से शुरू हुए इस संघर्ष ने दुनिया की कमर तोड़ दी है:
कच्चा तेल: युद्ध के कारण ब्रेंट क्रूड की कीमतें $120 प्रति बैरल के पार निकल गई हैं.
होर्मुज संकट: दुनिया का 20% तेल व्यापार इसी रास्ते से होता है, जो फिलहाल ईरान के नियंत्रण के कारण बाधित है.
परमाणु चिंता: IAEA की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के पास अब 90% शुद्धता वाला पर्याप्त यूरेनियम है, जो परमाणु बम बनाने के करीब है.
आर्थिक नुकसान: इस 27 दिन की जंग में अब तक वैश्विक अर्थव्यवस्था को $2 ट्रिलियन से अधिक का झटका लगने का अनुमान है.