अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सेहत को लेकर पिछले कुछ समय से चर्चाएं तेज हैं. हाथों और पैरों पर सूजन और चोट जैसे निशान दिखाई देने के बाद सोशल मीडिया पर उनकी तबीयत को लेकर अटकलें लगने लगीं.
यहां तक कि #TrumpIsDead जैसे हैशटैग ट्रेंड करने लगे. इस बीच व्हाइट हाउस ने पुष्टि की कि जुलाई में ट्रंप को क्रॉनिक वेनस इंफिशिएंसी (CVI) नामक समस्या का पता चला है.0
CVI एक ऐसी स्थिति है जिसमें नसें खून को पैरों और हाथों से दिल तक सही तरीके से नहीं पहुंचा पातीं. नतीजतन खून पैरों में रुकने लगता है जिससे सूजन, भारीपन और कभी-कभी दर्द जैसी समस्याएं होती हैं. यह समस्या 70 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों में आम है और अक्सर लंबे समय तक खड़े रहने, मोटापा, उम्र या ब्लड क्लॉट्स जैसी वजहों से होती है. ट्रंप की उम्र 79 वर्ष है और इसी कारण उनके पैरों और टखनों में सूजन देखी जा रही है.
इस बीमारी में शुरुआती लक्षण पैरों की सूजन, थकान, दर्द और त्वचा में बदलाव के रूप में सामने आते हैं. अगर स्थिति ज्यादा बिगड़ जाए तो पैरों पर अल्सर यानी न भरने वाले घाव भी हो सकते हैं. डॉक्टरों का कहना है कि यह बीमारी जानलेवा नहीं होती, लेकिन यदि समय पर इलाज न हो तो खून के थक्के बनने और फेफड़ों तक पहुंचने का खतरा बढ़ सकता है. इस स्थिति को ‘पल्मोनरी एम्बोलिज्म’ कहा जाता है जो जानलेवा हो सकता है.
CVI का इलाज आमतौर पर जीवनशैली में बदलाव से शुरू होता है. इसमें नियमित व्यायाम, पैरों को ऊंचा रखकर आराम करना और कंप्रेशन स्टॉकिंग पहनना शामिल है. गंभीर मामलों में लेजर थेरेपी, स्क्लेरोथेरेपी या नसों की सर्जरी की जरूरत पड़ सकती है. व्हाइट हाउस के मुताबिक ट्रंप की स्थिति सामान्य है और वे दवाओं और चिकित्सकीय निगरानी में हैं. उनके डॉक्टर का कहना है कि राष्ट्रपति की स्वास्थ्य रिपोर्ट ‘बेहद संतोषजनक’ है और उन्हें किसी बड़े खतरे की आशंका नहीं है.
पिछले 72 घंटे तक ट्रंप सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आए, जिसके बाद सोशल मीडिया पर उनकी मौत की अफवाहें फैल गईं. #TrumpIsDead, #WhereIsTrump और #HesDead जैसे हैशटैग ट्रेंड करने लगे. हालांकि व्हाइट हाउस प्रवक्ता ने साफ किया कि राष्ट्रपति नियमित बैठकों में शामिल हो रहे हैं और हाथ पर दिखा नीला निशान लगातार हैंडशेक और एस्पिरिन की दवा से हुआ है.