नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका के पास तेल, गैस, कोयले और ऊर्जा के अन्य संसाधनों का इतना बड़ा भंडार है कि कोई दूसरा देश इसकी बराबरी नहीं कर सकता. एयर फोर्स वन में प्रेस से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि वेनेज़ुएला के साथ बेहतर रिश्तों की वजह से अमेरिका की स्थिति मजबूत हुई है.
उन्होंने दावा किया कि वेनेजुएला को मिलाकर अमेरिका ऊर्जा संसाधनों के लगभग 64 प्रतिशत हिस्से को नियंत्रित करता है. जो दुनिया के लिए एक बड़ी बात है. ट्रंप ने कहा कि बड़ी तेल कंपनियों ने वहां काम शुरू कर दिया है और लाखों बैरल तेल निकाला जाएगा. गैसोलीन के निर्यात पर संभावित प्रतिबंध के सवाल पर उन्होंने जोर दिया कि उनके पास कई विकल्प मौजूद हैं लेकिन अमेरिका की प्राकृतिक संपदा ही उसकी सबसे बड़ी ताकत है.
अमेरिकी तेल कंपनियों की उत्पादन क्षमता पर बात करते हुए, डोनाल्ड ट्रंप ने फिर कहा कि देश के पास जरूरत की हर चीज है. उन्होंने बताया कि हालांकि दुनिया को उम्मीद थी कि तेल की कीमतें $300 प्रति बैरल तक पहुंच जाएंगी लेकिन अभी ये $96–$97 प्रति बैरल के आसपास हैं.
ईरान के मामले में मिली सफलता का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि ईरान कभी परमाणु हथियार नहीं बना पाएगा और उसकी स्थिति कमज़ोर है. ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल के परिवहन पर भी बात की और बताया कि अमेरिकी नौसेना की मदद से बड़ी मात्रा में तेल का परिवहन हो रहा है, जिससे कीमतें नियंत्रण में रहती हैं.
आयोवा का उदाहरण देते हुए, अमेरिकी राष्ट्रपति ने बताया कि तीन महीने पहले गैसोलीन की कीमतें $1.85 प्रति गैलन थीं और उनमें और सुधार हो सकता है. अपनी यात्रा के दौरान खासकर चिप्पेवा फॉल्स जाते समय ट्रंप ने मीडिया से खुलकर बात की.
उन्होंने जोर दिया कि अमेरिका की ऊर्जा नीति न केवल देश को मजबूत करेगी बल्कि पूरी दुनिया को भी फायदा पहुंचाएगी. वेनेजुएला के लोग अमेरिका को पसंद करते हैं और देश तरक्की कर रहा है. ट्रंप ने कहा कि यह पूरा मामला जल्द ही सुलझ जाएगा और तेल की कीमतें और कम होंगी. उन्होंने ईरान द्वारा किए गए मिसाइल और ड्रोन हमलों का भी जिक्र किया और बताया कि अमेरिकी सेना ने उनमें से कई हमलों को नाकाम कर दिया था.