मध्य पूर्व में जारी संघर्ष के बीच ईरान के एक स्कूल पर हुए मिसाइल हमले के बाद चीन ने पीड़ित परिवारों की मदद करने का फैसला किया है. चीन ने घोषणा की है कि वह इस घटना में मारे गए छात्रों के परिवारों को 2 लाख डॉलर की मानवीय सहायता देगा.
यह हमला 28 फरवरी को ईरान के दक्षिणी शहर मिनाब में स्थित शाजारेह तैय्येबेह गर्ल्स स्कूल पर हुआ था. इस हमले में 150 से अधिक बच्चों की मौत हुई थी जिसमें बड़ी संख्या में छात्राएं शामिल थीं. रिपोर्ट के अनुसार एक मिसाइल सीधे स्कूल की इमारत से टकराई, जिससे वहां मौजूद कई छात्राओं की मौत हो गई और कई लोग घायल हो गए.
Mass funerals for 168 girls & teachers murdered in the Minab girls school 🇮🇷 bombing
— Howard Beckett (@BeckettUnite) March 3, 2026
The UN calls it:
“A grave violation of humanitarian law”
No coverage on ‘Mainstream Media’
No call for Trump 🇺🇸 & Netanyahu 🇮🇱 to answer in The Hague
Shameful.pic.twitter.com/2Vh1t44QWB
चीन के विदेश मंत्रालय ने बताया कि यह सहायता राशि रेड क्रॉस सोसाइटी ऑफ चाइना के माध्यम से भेजी जाएगी. यह पैसा आगे ईरान की रेड क्रिसेंट सोसाइटी को दिया जाएगा, जो इसे पीड़ित परिवारों तक पहुंचाएगी. चीन का कहना है कि इस मदद का मकसद उन माता-पिता को कुछ आर्थिक सहारा देना है, जिन्होंने इस हमले में अपने बच्चों को खो दिया है. साथ ही चीन ने इस घटना पर गहरा दुख भी व्यक्त किया है.
Photos showing Minab School students who were killed in what now appears to be U.S. airstrikes. pic.twitter.com/rtw86WEQlx
— Clash Report (@clashreport) March 7, 2026
ईरान की सरकार ने इस हमले के लिए अमेरिका और इजराइल को जिम्मेदार ठहराया है. तेहरान का कहना है कि यह हमला युद्ध के पहले ही दिन किया गया और इसमें आम नागरिकों को निशाना बनाया गया. इस हमले को लेकर जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि मैं इस आरोप के साथ जीने को तैयार हूं. घटना के बाद मृतकों के अंतिम संस्कार किए गए, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए. स्थानीय लोगों का कहना है कि स्कूल पर हमला बहुत दर्दनाक घटना है क्योंकि वहां पढ़ने वाले ज्यादातर बच्चे कम उम्र के थे.