अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच चल रहे भीषण युद्ध के 14वें दिन वैश्विक कूटनीति और बयानबाजी का दौर अपने चरम पर पहुंच गया है. एक तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान पूरी तरह से पस्त हो चुका है और हार मानने की कगार पर है. वहीं दूसरी ओर ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने पदभार संभालते ही साफ कर दिया है कि उनका देश पीछे हटने वाला नहीं है. सोचने वाली बीच यह है कि इन दावों के बीच पूरे विश्च में अशांती का माहौल बन गया है. कई देशों ने ट्रंप ने इस युद्ध को खत्म करने की मांग भी की है, लेकिन दोनों देशों का रूख देखकर लगता है कि युद्ध अभी हफ्तों तक चलेगा.
एक रिपोर्ट के मुताबिक, डोनाल्ड ट्रंप ने G7 देशों के नेताओं के साथ हुई एक अहम कॉल में ईरान की स्थिति को लेकर बड़े दावे किए. मामले की जानकारी रखने वाले दो अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया गया है कि ट्रंप ने कहा, "तेहरान में अब कोई भी ऐसा शीर्ष अधिकारी जिंदा नहीं बचा है जो यह तय कर सके कि लड़ाई जारी रखनी है या नहीं." ट्रंप ने आगे कहा, "वहां किसी को नहीं पता कि अब नेता कौन है, इसलिए कोई ऐसा शख्स भी नहीं है जो आधिकारिक तौर पर हार की घोषणा कर सके."
ट्रंप के इस अति-आत्मविश्वास से भरे दावे के करीब 24 घंटे बाद ही ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने अपना पहला सार्वजनिक बयान जारी कर पश्चिमी देशों की नींद उड़ा दी. ईरानी सरकारी टेलीविजन पर एक न्यूज एंकर द्वारा पढ़े गए उनके बयान में सख्त लहजे में कहा गया, "बदला लेना हमारी सबसे पहली प्राथमिकता है और यह तब तक जारी रहेगा जब तक कि इसे पूरी तरह से हासिल न कर लिया जाए.
ईरानी शासन ने न सिर्फ घुटने टेकने के अमेरिकी दावों को खारिज किया है, बल्कि शुक्रवार को होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की धमकी देकर अमेरिका और उसके सहयोगियों पर पलटवार किया है. इन दावों के बीच ईरान के सुप्रीम लीडर का रूख साफ है कि वह अपने लोगों की शाहदत का बदला जरूर लेंगे. उन्होंने साफ कर दिया कि खून का बदला खून से लिया जाएगा.
इस भू-राजनीतिक तनाव के बीच अमेरिका और ब्रिटेन के रिश्तों में भी हल्की तल्खी देखने को मिली. रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि कॉल के दौरान ट्रंप ने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर का जमकर मजाक उड़ाया. दरअसल, स्टारमर ने शुरुआत में ईरान पर हमलों के लिए ब्रिटेन के सैन्य ठिकानों का इस्तेमाल करने की अमेरिकी मांग को ठुकरा दिया था. हालांकि, जब ईरान ने खाड़ी देशों पर जवाबी हमले शुरू किए, तो घबराए स्टारमर ने रक्षात्मक हमलों के लिए ठिकानों तक पहुंच की पेशकश की. इस पर ट्रंप ने अन्य G7 नेताओं के सामने स्टारमर को दो टूक जवाब देते हुए कहा, "अब हमें आपकी मदद की कोई जरूरत नहीं है.