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India Daily

China PL- 17 Missile:  जिनपिंग ने बढ़ाई भारत और अमेरिका की टेंशन,  PL-17 मिसाइल से चीन ने हटाया पर्दा

China PL- 17 Missile: चीन ने अपनी सैन्य ताकत का एक और नमूना पेश किया है. इससे भारत और अमेरिका की मुश्किलें बढ़ गई हैं. दरअसल चीन ने J-16 फाइटर जेट से हवा में अपनी सबसे लंबी दूरी तक मार करने वाली मिसाइल (AAM), पीएल-17 मिसाइल से पर्दा हटाया है.

Shubhank Agnihotri
China PL- 17 Missile:  जिनपिंग ने बढ़ाई भारत और अमेरिका की टेंशन,  PL-17 मिसाइल से चीन ने हटाया पर्दा

हाइलाइट्स

  • प्रशिक्षण उड़ान के सामने आईं तस्वीरें
  • चीनी सेना के पास 2022 से है मौजूदगी!


China PL- 17 Missile: चीन ने अपनी सैन्य ताकत का एक और नमूना पेश किया है. इससे भारत और अमेरिका की मुश्किलें बढ़ गई हैं. दरअसल चीन ने J-16 फाइटर जेट से हवा में अपनी सबसे लंबी दूरी तक मार करने वाली मिसाइल (AAM), पीएल-17 मिसाइल से पर्दा हटाया है. चीन के पास इस मिसाइल के होने का लंबे समय से दावा किया जा रहा है. रिपोर्ट के मुताबिक, पीएल-17 की रेंज 400 किमी बताई गई है. यह इसे दुनिया की सबसे दूरी तक मार करने वाली मिसाइल बनाती है. 

प्रशिक्षण उड़ान के सामने आईं तस्वीरें!

पीएल-17 मिसाइल चीनी सेना के लिए फायदेमंद साबित होगी. चीनी डिफेंस मसलों पर चर्चा करने वाले प्रमुख सोशल मीडिया हैंडल्स पर इसको लेकर चर्चा की गई है. इसमें एएएम के बड़े पैमाने पर लोडआउट के साथ ऊपर की ओर उड़ते हुए चार जे-16 फाइटर जेट की फोटो दिखाई गई थी. यह तस्वीरें नियमित प्रशिक्षण उड़ान, मिसाइल परीक्षण के दौरान की हो सकती हैं. 

चारों जेट एक ही बनावट के 

पीएल-17 की रेंज 400 किमी तक बताई जा रही है. अभी तक जो तस्वीरें सामने आई हैं, उसमें ये भी देखने वाली बात है कि सभी चारों जेट एक ही बनावट के हैं. दो अन्य जे-16 फाइटर जेट हल्के हथियारों से लैस हैं, जिससे पता चलता है कि जे-16 ले जाने वाले पीएल-17 मिसाइल ट्रक के रूप में काम कर रहे हैं.

चीनी सेना के पास 2022 से है मौजूदगी!

मिसाइल का खुलासा चीन ने तो कर दिया है लेकिन पीएल-17 किस फेज में है यह गौर करने वाली बात है. इसके उत्पादन, परीक्षण की अभी तक कोई जानकारी नहीं दी गई है. चीनी रिपोर्टों में दावा किया गया है कि मिसाइल नवंबर 2022 से चीनी सेना के पास मौजूद है लेकिन इसका खुलासा अभी क्यों किया गया यह थोड़ा हैरान करने वाला है. जानकारों के मुताबिक इसके पीछे चीन के प्रचार युद्ध की आशंका से भी इंकार नहीं किया जा सकता है.