ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर (Keir Starmer ) ने एक अहम बयान में स्पष्ट कर दिया है कि उनका देश ईरान के साथ चल रहे युद्ध में शामिल नहीं होगा. उन्होंने कहा कि सभी फैसले केवल ब्रिटेन के राष्ट्रीय हित को ध्यान में रखकर लिए जाएंगे. इसी बीच, वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) को दोबारा खोलने के लिए ब्रिटेन एक अंतरराष्ट्रीय शिखर सम्मेलन आयोजित करेगा, जिसमें कई देशों के शामिल होने की उम्मीद है.
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा सहयोगियों पर दबाव बनाए जाने के बावजूद स्टार्मर अपने फैसले पर कायम रहे. उन्होंने कहा कि यह ब्रिटेन की लड़ाई नहीं है और देश को इसमें घसीटा नहीं जाएगा. ट्रंप ने नाटो सहयोगियों की आलोचना करते हुए सैन्य समर्थन की मांग की थी, लेकिन यूरोपीय देशों ने दूरी बनाए रखी है.
स्टार्मर ने साफ किया कि ब्रिटेन न तो अमेरिका से दूरी बना रहा है और न ही यूरोप से. उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता के लिए दोनों के साथ मजबूत संबंध जरूरी हैं. NATO के प्रति प्रतिबद्धता दोहराते हुए उन्होंने यूरोप के साथ सहयोग बढ़ाने पर भी जोर दिया.
होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव के कारण वैश्विक तेल सप्लाई प्रभावित हुई है, जिससे कीमतों में करीब 40 प्रतिशत तक उछाल आया है. यह रास्ता दुनिया के करीब 20 प्रतिशत तेल और गैस परिवहन के लिए अहम है. इसी को ध्यान में रखते हुए ब्रिटेन 35 देशों के साथ मिलकर इसे फिर से सुरक्षित और चालू करने की दिशा में काम करेगा.
स्टार्मर ने घोषणा की कि ब्रिटेन जल्द ही एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन की मेजबानी करेगा, जिसमें होर्मुज को खोलने और भविष्य की सुरक्षा रणनीति पर चर्चा होगी. उन्होंने चेतावनी दी कि इस संघर्ष का असर महंगाई और ऊर्जा कीमतों पर पड़ेगा, लेकिन साथ ही भरोसा दिलाया कि ब्रिटेन इस चुनौती से निपटने के लिए तैयार है.