UK News: आतंकियों और कट्टरपंथ से सिर्फ एशियाई देश ही परेशान नहीं हैं. यूरोप के कई देश इससे लंबे समय से जूझ रहे हैं . इन देशों में कट्टरपंथी तत्व पुलिस प्रशासन और लोगों की सुरक्षा में एक बड़ा रोड़ा हैं. ब्रिटेन की सुनक सरकार ने इन पर लगाम लगाने के लिए इरादा बना लिया है. ब्रिटेन सरकार ने हाल ही चरमपंथियों को लेकर एक नई परिभाषा जारी की है. इस कदम का मतलब दक्षिणपंथी और इस्लामी चरमपंथियों से लंदन के लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करना है.
रिपोर्ट के अनुसार, ब्रिटेन सरकार ने बीते साल अक्टूबर माह में ही हमास जंग के शुरु होने के बाद आतंकी हमलों के बढ़ते खतरों को देखते हुए चरमपंथ की एक नई परिभाषा दी थी. इसकी मदद से ब्रिटेन के उदार लोकतांत्रिक मूल्यों की कट्टरपंथियों से सुरक्षा करना शामिल था.
ब्रिटेन में कट्टरपंथ की परिभाषा में हिंसा, घृणा, असहिष्णुता पर आधारित विचारधारा का प्रचार प्रसार करना या इसे बढ़ावा देने के रूपों को शामिल किया गया है. इनका सीधा उद्देश्य दूसरों के मौलिक अधिकारों की रक्षा करना और उसकी स्वतंत्रता के अवसरों को संरक्षित करना है. इसके अलावा ब्रिटेन की उदार लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने के प्रयास करना, पलटना या उसे बदलना जैसे रूपों को भी इस परिभाषा में जगह दी गई है. ब्रिटेन के यह नियम भारत के गैरकानूनी रोकथाम अधिनियम से मिलते-जुलते हैं.
ब्रिटेन के समुदीय संबंधी मामलों के मंत्री गोव ने कहा कि देश को एक बहुराष्ट्रीय, बहु भाषी और बहु जातीयता वाला लोकतंत्र बनाने के लिए हमें सामूहिक रूप से प्रयास करने होंगे. इन्हें बदलने की आवश्यकता बहुत पहले से ही महसूस की जा रही थी. हमारे लिए यह बेहद महत्वपूर्ण है.