नई दिल्ली: बांग्लादेश में 13वें आम चुनाव से पहले सियासी माहौल तेजी से बदलता दिख रहा है. एक ताजा देशव्यापी ओपिनियन पोल ने चुनावी तस्वीर लगभग साफ कर दी है. सर्वे में खालिदा जिया की बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी को भारी बढ़त मिलती नजर आ रही है. खास बात यह है कि शेख हसीना की अवामी लीग के पुराने समर्थकों में भी बड़ा झुकाव बदलाव की ओर दिख रहा है. चुनाव से पहले यह सर्वे राजनीतिक दलों के लिए अहम संकेत लेकर आया है.
एमिनेंस एसोसिएट्स फॉर सोशल डेवलपमेंट द्वारा किए गए सर्वे में BNP को लगभग 70 प्रतिशत मतदाताओं का समर्थन मिला है. यह आंकड़ा पार्टी को स्पष्ट बहुमत की ओर बढ़ता दिखाता है. सर्वे में शामिल लोगों ने अगली सरकार बनाने के लिए BNP को पहली पसंद बताया. नतीजों ने यह संकेत दिया है कि चुनावी मुकाबला इस बार एकतरफा हो सकता है.
सर्वे में जमात-ए-इस्लामी 19 प्रतिशत समर्थन के साथ दूसरे स्थान पर रही है. यह दिखाता है कि पार्टी ने कई क्षेत्रों में अपनी पकड़ फिर से मजबूत की है. हालांकि BNP से दूरी काफी ज्यादा है, लेकिन जमात को मुख्य वैकल्पिक शक्ति के रूप में देखा जा रहा है. अन्य दलों की स्थिति कमजोर रही, जिनमें नेशनल सिटीजन पार्टी और जातीय पार्टी का समर्थन सीमित बताया गया है.
सर्वे का सबसे अहम पहलू अवामी लीग के पूर्व समर्थकों का रुख है. आंकड़ों के मुताबिक, पार्टी के पुराने वोटर्स में से 60 प्रतिशत अब BNP को वोट देने के इच्छुक हैं. वहीं 25 प्रतिशत मतदाता जमात-ए-इस्लामी के समर्थन में नजर आए. यह बदलाव शेख हसीना की पार्टी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है और चुनावी संतुलन को पूरी तरह बदल सकता है.
क्षेत्रीय आंकड़ों में राजशाही और चटगांव डिवीजन में BNP का दबदबा सबसे अधिक दिखा है, जहां 74 प्रतिशत समर्थन दर्ज किया गया. महिला मतदाताओं में भी पार्टी की लोकप्रियता खास रही. सर्वे के अनुसार 71 प्रतिशत महिलाएं BNP के पक्ष में खड़ी हैं. यह समर्थन पार्टी को सामाजिक स्तर पर भी मजबूत स्थिति में दिखाता है.
सर्वे में 77 प्रतिशत मतदाताओं ने भरोसा जताया कि BNP अगली सरकार बनाएगी. वहीं 74 प्रतिशत लोगों का मानना है कि उनके क्षेत्र से भी BNP उम्मीदवार जीतेंगे. यह सर्वे 20 दिसंबर से 1 जनवरी के बीच 300 संसदीय क्षेत्रों में 20,495 लोगों से बातचीत के आधार पर किया गया. कुल मिलाकर नतीजे बताते हैं कि चुनाव से पहले बांग्लादेश की राजनीति एक निर्णायक मोड़ पर खड़ी है.