नई दिल्ली: वेनेजुएला और अमेरिका के बीच तनाव लंबे समय से चला आ रहा था, लेकिन हाल के दिनों में यह अचानक चरम पर पहुंच गया. रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के टीवी पर हल्के फुल्के डांस कार्यक्रमों को वाशिंगटन में उकसावे के रूप में देखा गया. ट्रंप प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने इसे अमेरिकी चेतावनियों का मजाक मानते हुए कड़ा कदम उठाने का फैसला किया.
रिपोर्ट के मुताबिक, मादुरो के हालिया ऑन एयर डांस अमेरिकी अधिकारियों को बेहद खटके. एक वरिष्ठ अधिकारी ने इसे सीमा रेखा पार करने जैसा बताया. इन कार्यक्रमों को अमेरिका की चेतावनियों के प्रति खुली चुनौती के रूप में देखा गया.
एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैला, जिसमें मादुरो सरकारी टीवी पर इलेक्ट्रॉनिक संगीत पर थिरकते दिखे. बैकग्राउंड में अंग्रेजी में नो क्रेजी वॉर की आवाज सुनाई दे रही थी. यह प्रसारण उस समय हुआ, जब अमेरिका ने ड्रग तस्करी से जुड़े एक वेनेजुएला डॉक पर हमला किया था.
रिपोर्ट में बताया गया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मादुरो को पद छोड़कर तुर्किये में निर्वासन स्वीकार करने का विकल्प दिया था. मादुरो ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया. इसके बाद भी उन्होंने सार्वजनिक कार्यक्रम जारी रखे, जिससे वाशिंगटन में यह संदेश गया कि वे दबाव को हल्के में ले रहे हैं.
अमेरिकी अधिकारियों का मानना था कि मादुरो जानबूझकर अमेरिका की धमकियों की परीक्षा ले रहे हैं. इन संकेतों ने व्हाइट हाउस को पहले से दिए गए सैन्य संकेतों पर अमल करने की दिशा में धकेला. इसके बाद कार्रवाई का निर्णय लिया गया.
शनिवार तड़के अमेरिकी सेना की एक विशेष इकाई ने काराकस में अभियान चलाया. इस दौरान मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को हिरासत में लिया गया. दोनों को न्यूयॉर्क ले जाया गया, जहां मादुरो पर ड्रग तस्करी से जुड़े आरोपों में मुकदमा चलेगा.
वहीं, न्यूयॉर्क की अदालत में निकोलस मादुरो की पेशी के बीच अब यूरोप से उनके लिए एक और बुरी खबर आई है. स्विट्जरलैंड की फेडरल काउंसिल ने सोमवार को एक ऐतिहासिक फैसला लेते हुए वेनेजुएला के पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनसे जुड़े करीब 37 करीबियों की स्विट्जरलैंड में मौजूद सभी संपत्तियों को तत्काल प्रभाव से फ्रीज कर दिया है.