Pakistan News: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने मंगलवार को आरोप लगाया कि बलूचिस्तान में आतंकी हमलों का उद्देश्य चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (CPEC) का हिस्सा बनने वाली विकास परियोजनाओं को रोकना है. शरीफ का यह बयान पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में हुए कई हमलों के बाद आया है. इस हमले में 73 लोगों की जान चली गई है.
अपने मंत्रिमंडल को टेलीविज़न पर संबोधित करते हुए शरीफ ने कहा कि आतंकवादी सीपीईसी और विकास परियोजनाओं को रोकना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि आतंकवादी इस्लामाबाद और बीजिंग के बीच दरार पैदा करना चाहते हैं.
रविवार को बलूचिस्तचान में शुरू हुए हमलों में 70 से अधिक लोग मारे गए. ये हमले जातीय आतंकवादियों की ओर से किये गए सबसे बड़े हमलों में से एक थे. आतंकवादी संसाधन संपन्न प्रांत को अलग करना चाहते हैं. प्रांत में चीन के नेतृत्व वाली प्रमुख परियोजनाओं के अलावा सोने और तांबे की खदाने भी हैं. इस प्रांत का विकास न कर पाने के कारण पाक ने चीन से सहयोग मांग था.
चीन ने ताजा हमलों की निंदा की और पाकिस्तान के आतंकवाद विरोधी प्रयासों के लिए अपना समर्थन जारी रखने की कसम खाई. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने समाचार ब्रीफिंग में कहा किक चीन क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा को संयुक्त रूप से बनाए रखने के लिए पाकिस्तान के साथ मजबूती के साथ खड़ा है.
इससे पहले बीजिंग ने पाकिस्तान में काम कर रहे चीनी नागरिकों, खासकर बलूचिस्तान में काम कर रहे चीनी नागरिकों के सामने आने वाले सुरक्षा जोखिमों के बारे में चिंता जताई थी. मार्च में उत्तर-पश्चिम में एक डैम प्रोजेक्ट पर काम कर रहे छह चीनी इंजीनियरों की हत्या कर दी गई थी. अलगाववादी सशस्त्र समूहों ने बलूचिस्तान के ग्वादर बंदरगाह को भी निशाना बनाया है. इसका संचालन चीन करता है.
रविवार और सोमवार को आतंकवादियों ने बलूचिस्तान में प्रमुख सड़कों और राजमार्गों पर वाहनों पर हमला किया था. इन हमलों में 38 नागरिकों और एक दर्जन से अधिक सुरक्षाकर्मियों की मौत हो गई. पाकिस्तानी सेना द्वारा चलाए गए जवाबी अभियान में 21 आतंकवादी मारे गए थे. बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) ने इस हफ़्ते प्रांत में पुलिस स्टेशनों, रेलवे लाइनों और राजमार्गों पर एक साथ हुए हमलों की जिम्मेदारी ली है.