menu-icon
India Daily

किडनैपर की गलती के शिकार हुए अवतार सिंह, कैलिफोर्निया में भारतीय सिख की हत्या

भारतीय मूल के व्यक्ति अवतार सिंह की कैलिफोर्निया में दिनदहाड़े हत्या कर दी गई. मिल रही जानकारी के मुताबिक यह हत्या गलतफहमी में की गई है.

shanu
Edited By: Shanu Sharma
किडनैपर की गलती के शिकार हुए अवतार सिंह, कैलिफोर्निया में भारतीय सिख की हत्या
Courtesy: X (@DanArriolaCA)

कैलिफोर्निया में 57 साल के भारतीय मूल के व्यक्ति अवतार सिंह की दिनदहाड़े अपहरण के बाद हत्या की घटना ने सभी को सदमे में डाल दिया है. मिल रही जानकारी के मुताबिक यह वारदात गलत पहचान के कारण हुई. अपहरणकर्ता किसी दूसरे व्यक्ति को निशाना बनाने की कोशिश कर रहे थे, इसी बीच गलती से सिंह को  किडनैप कर लिया. 

यह मामला 17 फरवरी का है. जब दोपहर करीब 2:30 बजे ट्रेसी के गुरुद्वारा गुर नानक प्रकाश के बाहर अवतार सिंह को तीन अज्ञात व्यक्तियों ने सफेद एसयूवी में जबरन बिठा लिया. सीसीटीवी फुटेज में दिखा कि सिंह ने विरोध करने की कोशिश की, लेकिन वे उन्हें जबरदस्ती ले गए. 

क्या है पूरा मामला?

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक सिंह कई वर्षों से इसी गुरुद्वारे में रहते और सेवा करते थे. उनकी पत्नी जब काम से लौटीं तो उन्होंने अपने तीनों छह महीने के बच्चों को अकेला पाया, जिसके बाद गुमशुदगी का मामला दर्ज करवाया. पुलिस ने जांच शुरु की,जिसमें तीन दिनों की तलाश के बाद 20 फरवरी को नैपा काउंटी के लेक बेरीएसा के पास उनका शव मिला, जो ट्रेसी से लगभग दो घंटे की दूरी पर है. सैन जोकिन काउंटी शेरिफ ऑफिस ने पुष्टि की कि यह हत्या का मामला है. पोस्टमार्टम पूरा हो चुका है, लेकिन मौत का सटीक कारण अभी नहीं बताया गया है. शेरिफ पैट्रिक विथ्रो ने कहा कि यह कोई रैंडम अपराध नहीं था. जांचकर्ताओं का मानना है कि अपहरणकर्ता किसी अन्य व्यक्ति को किडनैप करने के फिराक में थे, लेकिन गलती से सिंह को अगवा कर लिया.

मदद के लिए आगे आए लोग

अवतार सिंह स्थानीय सिख समुदाय के बीच काफी सम्मानित सदस्य थे. सिंह पिछले 23 वर्षों से रुद्वारे में मुख्य रसोइए के रूप में सेवा दे रहे थे. उनका स्वभाव सौम्य और सहयोगी था, जिसकी वजह से लोगों के बीच वह काफी लोकप्रीय थे. कुछ दिनों पहले उनके घर में ट्रिपलेट बच्चों का जन्म हुआ था. उनके अचानक हत्या कर देने से ना केवल परिवार बल्कि गुरुद्वारे के लोगों  के बीच भी शोक की लहर है. उनके तीनों बच्चे अभी केवल 6 महीने के हैं, ऐसे में उनकी पत्नी के लिए उनका भरण-पोषण करना एक बड़ी चुनौती बन गई है. गुरुद्वारा समुदाय के लोग उनके परिवार के लिए गॉफंडमी पर फंड जुटाना शुरू किया है. ताकी उनका अंतिम संस्कार हो सके और परिवार को मदद मिल सके.