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India Daily

बांग्लादेश में फिर किया जा रहा हिंदुओं को टार्गेट, मुस्लिम युवक की हत्या के बाद बवाल; जानें क्या थी प्लानिंग

बांग्लादेश के रंगपुर और कुश्तिया में हिंसा के दौरान हिंदू समुदाय को निशाना बनाया गया. जबकि हत्या के मामले में परिवार ने उनका हाथ होने से इनकार किया है. प्रशासन ने हालात को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा बढ़ा दी है.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
बांग्लादेश में फिर किया जा रहा हिंदुओं को टार्गेट, मुस्लिम युवक की हत्या के बाद बवाल; जानें क्या थी प्लानिंग
Courtesy: Pinterest

नई दिल्ली: शनिवार को बांग्लादेश के उत्तर-पश्चिमी जिले रंगपुर और पश्चिमी जिले कुश्तिया से बड़े पैमाने पर हिंसा और बढ़ते तनाव की खबरें सामने आईं. एक मुस्लिम की हत्या के बाद रंगपुर में एक गुस्साई भीड़ ने अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के घरों और दुकानों को निशाना बनाया. हैरानी की बात यह है कि भीड़ ने समुदाय पर हमले तब भी किए, जब मृतक के परिवार वालों ने साफ तौर पर कहा था कि हत्या में किसी हिंदू का कोई हाथ नहीं है. 

पुलिस इन हमलों को एक सोची-समझी साजिश बता रही है, जिसका मकसद मुख्य हत्या की जांच से ध्यान भटकाना है. शनिवार को रंगपुर के दासपारा बाजार इलाके में जो ढाका से लगभग 300 किलोमीटर दूर है, वहां रकीब हसन नाम के एक मुस्लिम धर्मगुरु की बेरहमी से हत्या कर दी गई. शुरुआती जांच के अनुसार हसन की हत्या कथित तौर पर मोहम्मद मोमिन नाम के एक नशा तस्कर ने पुरानी निजी रंजिश के चलते की थी.

कैसे भड़का सांप्रदायिक तनाव?

हालांकि हत्या के कुछ ही घंटों के भीतर पूरे इलाके में सांप्रदायिक तनाव भड़क उठा. एक हिंसक भीड़ ने दासपारा बाजार इलाके में रहने वाले हिंदुओं के घरों और दुकानों पर हमला कर दिया. स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इस इलाके में सौ से ज्यादा हिंदू परिवार रहते हैं. चश्मदीदों ने बताया कि हमलावरों ने तोड़फोड़ की और संपत्तियों को लूटने की भी कोशिश की.

रंगपुर के पुलिस कमिश्नर ने क्या बताया?

रंगपुर के पुलिस कमिश्नर मोहम्मद माजिद अली ने मीडिया को बताया कि पुलिस हत्या के असली दोषियों की सरगर्मी से तलाश कर रही है. उन्होंने साफ किया कि हिंदू समुदाय के खिलाफ हुई हिंसा एक 'तीसरे पक्ष' द्वारा रची गई साजिश का नतीजा थी, जिसका मकसद रकीब हसन की हत्या की जांच से पुलिस का ध्यान भटकाना था.

मृतक रकीब की मां ने क्या बताया?

उन्होंने कहा, 'हमने हिंदू घरों और दुकानों में तोड़फोड़ करने वाले लोगों की पहचान कर ली है और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.' सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह था कि मृतक रकीब की मां नूरजहां बेगम ने खुद कहा कि इस हत्या में हिंदू समुदाय का कोई हाथ नहीं है. उन्होंने पत्रकारों से कहा, 'हमारा हिंदुओं से कोई झगड़ा नहीं है. हम बस अपने बेटे के असली हत्यारों की गिरफ्तारी चाहते हैं.'

क्या लगा था आरोप?

रंगपुर की घटना के समानांतर ढाका से 200 किलोमीटर पश्चिम में स्थित कुश्तिया जिले में भी हिंसा की एक बड़ी घटना हुई. यहां शमीम रजा जहांगीर एक स्कूल शिक्षक और आध्यात्मिक गुरु को भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला. उन पर इस्लाम का अपमान करने का आरोप था.

प्रशासन ने क्या लिया एक्शन?

इन दोहरी हमलों के बाद प्रशासन ने हालात पर काबू पाने के लिए रंगपुर और कुश्तिया में भारी पुलिस बल और रैपिड एक्शन बटालियन (RAB) तैनात कर दी है. फिलहाल हालात नियंत्रण में बताए जा रहे हैं.