पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव चरम पर है. सीमा पर लगातार झड़पें और हमलों की घटनाएं सामने आ रही हैं. इसी बीच पाकिस्तान आर्मी चीफ जनरल आसिम मुनीर ने दक्षिण वजीरिस्तान के वाना इलाके का दौरा किया.
उन्होंने वहां सुरक्षा स्थिति का जायजा लिया और अफगान तालिबान को साफ संदेश दिया कि उनकी जमीन का पाकिस्तान के खिलाफ इस्तेमाल बिल्कुल अस्वीकार्य है. मुनीर का यह बयान ऐसे समय में आया है जब पाकिस्तान ने हाल ही में अफगानिस्तान के खिलाफ ऑपरेशन गजब-लिल-हक शुरू किया है. इससे दोनों देशों के बीच शांति की उम्मीदें और कमजोर हो गई हैं.
जनरल आसिम मुनीर ने ISPR के बयान के अनुसार कहा कि अफगानिस्तान की जमीन से पाकिस्तान विरोधी आतंकी गतिविधियां बर्दाश्त नहीं की जाएंगी. उन्होंने जोर देकर कहा कि सीमा पार से आने वाले हर खतरे को पूरी ताकत से नाकाम किया जाएगा. मुनीर ने अफगान तालिबान से मांग की कि वे टीटीपी जैसे आतंकी संगठनों को समर्थन और पनाह देना तुरंत बंद करें.
मुनीर का दौरा ऐसे वक्त में हुआ जब पाकिस्तान ने 26 फरवरी की रात को ऑपरेशन गजब-लिल-हक शुरू किया था. यह कार्रवाई अफगान तालिबान द्वारा सीमा पर 53 स्थानों पर हमलों के जवाब में की गई. पाकिस्तान का दावा है कि इन हमलों में अफगान जमीन का इस्तेमाल हुआ. चीफ ने सैनिकों से कहा कि दोनों देशों में शांति तभी संभव है जब अफगानिस्तान अपनी नीतियों में बदलाव लाए.
वाना दौरे के दौरान आर्मी चीफ को सीमा प्रबंधन, खुफिया जानकारी और चल रहे इन्टेलिजेंस आधारित ऑपरेशंस की पूरी जानकारी दी गई. उन्हें हालिया घटनाओं और सैन्य अभियानों की ब्रीफिंग मिली. मुनीर ने सैनिकों की तैयारियों की सराहना की और अधिकारियों को निर्देश दिए कि सीमा सुरक्षा को और मजबूत किया जाए. उन्होंने सैनिकों का हौसला बढ़ाया और कहा कि देश की रक्षा सर्वोपरि है.
पाकिस्तान लगातार आरोप लगाता रहा है कि टीटीपी जैसे संगठन अफगानिस्तान में सुरक्षित ठिकाने बना रहे हैं. मुनीर का यह दौरा और बयान दोनों देशों के बीच मौजूदा तनाव को और उजागर करता है. सीमा पर सैन्य गतिविधियां बढ़ रही हैं और शांति वार्ता की कोई सकारात्मक खबर नहीं है. स्थिति को देखते हुए विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में और घटनाक्रम सामने आ सकते हैं.