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'हम बहुत मजबूत स्थिति में हैं', ईरान युद्ध को लेकर ट्रंप ने किया दावा, 10 में से दी 15 रेटिंग

डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ युद्ध में अमेरिकी सेना की कामयाबी को 10 में से 15 अंक दिए हैं. पांचवें दिन में प्रवेश करते हुए संघर्ष में ईरानी नेताओं को निशाना बनाया जा रहा है, जबकि मिसाइलों को तेजी से नष्ट किया जा रहा है.

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
'हम बहुत मजबूत स्थिति में हैं', ईरान युद्ध को लेकर ट्रंप ने किया दावा, 10 में से दी 15 रेटिंग
Courtesy: ani

नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ जारी युद्ध में अपनी सेना के प्रदर्शन की जमकर तारीफ की है. व्हाइट हाउस में टेक्नोलॉजी अधिकारियों से बातचीत में उन्होंने कहा कि अमेरिका मजबूत स्थिति में है और ईरान की मिसाइल क्षमता तेजी से खत्म हो रही है.

युद्ध के पांचवें दिन मध्य पूर्व में विस्फोटों की खबरें आ रही हैं, जहां अमेरिका और इजराइल मिलकर अभियान चला रहे हैं. ट्रंप ने परमाणु खतरे का जिक्र कर हमले को जरूरी बताया, लेकिन युद्धोत्तर योजना पर चुप्पी साधी है. आलोचक उनके 'नए युद्ध न शुरू करने' के वादे की याद दिला रहे हैं. 

युद्ध का पांचवां दिन: मध्य पूर्व में तनाव चरम पर

ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी फौज ईरान पर भारी पड़ रही है. ईरानी नेतृत्व के प्रमुख लोग लगातार मारे जा रहे हैं. श्रीलंका तट के पास अमेरिकी पनडुब्बी ने ईरानी युद्धपोत को डुबो दिया, जिससे नौसैनिक लड़ाई तेज हो गई है. पेंटागन का कहना है कि अभियान ईरान की सैन्य ताकत को कमजोर करने पर केंद्रित है.

ट्रंप की रेटिंग और नेतृत्व पर निशाना

राष्ट्रपति ने युद्ध को 10 में से 15 अंक दिए, जो उनकी अतिरंजित शैली को दर्शाता है. उन्होंने दावा किया कि अमेरिका अब मजबूत पोजीशन में है और ईरान के बैलिस्टिक मिसाइलों का भंडार तेजी से खत्म हो रहा है. ट्रंप ने कहा कि जो भी ईरान में नेता बनने की कोशिश करता है, वह मारा जाता है.

परमाणु खतरे की चेतावनी दोहराई

ट्रंप ने ईरान पर हमले का बचाव करते हुए कहा कि अगर पागल लोग परमाणु हथियार हासिल कर लें तो बड़ी मुसीबत हो सकती है. उन्होंने इजराइल के साथ हवाई अभियान जारी रखने का ऐलान किया. अमेरिकी अधिकारी दावा कर रहे हैं कि हमलों से ईरान की सेना कमजोर हो गई है, लेकिन युद्ध खत्म होने के बाद की योजना पर कोई स्पष्ट बात नहीं की गई. 

युद्धोत्तर भूमिका पर विचार

ट्रंप प्रशासन ने ईरान में शासन परिवर्तन की बात से इनकार नहीं किया, लेकिन कोई विस्तृत योजना नहीं बताई. प्रेस सचिव कैरोलाइन लीविट ने कहा कि राष्ट्रपति युद्ध के बाद अमेरिका की भूमिका पर सोच-विचार कर रहे हैं. आलोचकों का कहना है कि ट्रंप का 'नए युद्ध न शुरू करने' का चुनावी वादा अब टूट चुका है. युद्ध में अब तक 1,000 से ज्यादा ईरानियों की मौत हो चुकी है.