नई दिल्ली: पाकिस्तान में एक ऐतिहासिक सैन्य बदलाव देखते हुए राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने गुरुवार को सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर को देश का पहला चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज यानी CDF नियुक्त कर दिया है. यह नियुक्ति पांच वर्ष के कार्यकाल के लिए की गई है. प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने औपचारिक रूप से एक समरी राष्ट्रपति को भेजा था, जिसमें मुनीर को पहली बार बनाए गए CDF पद पर नियुक्त करने की सिफारिश की गई थी.
नए CDF पद का गठन हाल ही में पारित 27वें संवैधानिक संशोधन के बाद किया गया, जिसका उद्देश्य सैन्य नेतृत्व में एकरूपता, बेहतर समन्वय और संकट की स्थितियों में तेज फैसले लेना है. नए पद के साथ पाकिस्तान ने चेयरमैन, जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ कमेटी यानी CJCSC के पद को भी समाप्त कर दिया है.
Asim Munir formaly appointed as Pakistan's first Chief of Defence Forces
— ANI Digital (@ani_digital) December 4, 2025
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राष्ट्रपति कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि राष्ट्रपति ने मुनीर को शुभकामनाएं दी हैं और उम्मीद जताई है कि वे अपने नए पद पर देश की रक्षा व्यवस्था को मजबूत करेंगे. इसके साथ ही राष्ट्रपति ने एयर चीफ मार्शल जहीर अहमद बाबर सिद्दू के कार्यकाल को भी दो वर्ष बढ़ाने की मंजूरी दी, जिसकी अवधि अब मार्च 2026 के बाद भी जारी रहेगी.
प्रधानमंत्री कार्यालय ने बताया कि प्रधानमंत्री ने पहले ही दोनों पदों पर मुनीर के नाम को मंजूरी दे दी थी, जिसके बाद यह समरी राष्ट्रपति को भेजा गया. इस नियुक्ति से संबंधित औपचारिक अधिसूचना जारी होने के बाद लंबे समय से चल रही अटकलों पर विराम लग गया है, क्योंकि यह नियुक्ति 27 नवंबर से लंबित थी, जब पूर्व CJCSC जनरल साहिर शमशाद मिर्जा सेवानिवृत्त हुए थे.
फील्ड मार्शल आसिम मुनीर नवंबर 2022 में पाकिस्तान के सेना प्रमुख बने थे. उन्हें शुरू में तीन साल का कार्यकाल मिला था, जिसे 2024 में पांच वर्ष के लिए बढ़ा दिया गया. अब CDF का पद संभालने के बाद वह पाकिस्तानी सेना और रक्षा तंत्र के सर्वोच्च सैन्य नेता बन गए हैं.
पाकिस्तान के कानून मंत्री आजम नजीर तारार ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि CDF की नियुक्ति को लेकर कोई कानूनी या राजनीतिक बाधा नहीं है और बहुत जल्द अधिसूचना जारी की जाएगी. राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के बाद पाकिस्तान ने अब अपनी सैन्य संरचना में एक बड़ा बदलाव दर्ज कर लिया है.