नई दिल्ली: रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन दो दिवसीय यात्रा पर भारत पहुंच चुके हैं. पालम एयरपोर्ट पर प्रधानमंत्री मोदी ने गले लगाकर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का स्वागत किया. इस बीच एक बड़ी खबर सामने आई है कि राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का विमान गुरुवार को दुनिया का सबसे ज्यादा ट्रैक किया जाने वाला विमान बन गया. फ्लाइट ट्रैकिंग प्लेटफॉर्म FlightRadar24 के अनुसार, एक समय पर इस विमान को 49 हजार से ज्यादा लोगों ने ऑनलाइन ट्रैक किया. पुतिन का विमान शाम करीब 7 बजे दिल्ली के पालम एयरफोर्स स्टेशन पर उतरा.
Our most tracked flight now: one of the Russian government aircraft en route to India. Russian President Putin and Indian PM Modi are scheduled to meet over two days in Delhi. https://t.co/Q5GikRN1Vd pic.twitter.com/DcbA9wFYrF
— Flightradar24 (@flightradar24) December 4, 2025
फ्लाइट डेटा के मुताबिक, मॉस्को से दिल्ली की तरफ दो रूसी सरकारी विमान उड़ान भरते हुए दिखाई दिए. इनमें से एक विमान ने अपना ट्रांसपोंडर कभी ऑन और कभी ऑफ किया, जबकि दूसरा विमान विपरीत समय पर ऐसा करता रहा. यह सुरक्षा व्यवस्था का एक सामान्य तरीका है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि असली राष्ट्रपति का विमान कौन सा है. ट्रांसपोंडर एक ऐसी डिवाइस है, जो विमान की लोकेशन और अन्य जरूरी जानकारी एयर ट्रैफिक कंट्रोल को भेजता है. फ्लाइट ट्रैकिंग का डेटा शाम 6 बजकर 53 मिनट का बताया जा रहा है.
आपको बता दें कि पुतिन का विमान RSD369 मॉस्को से उड़ान भरते हुए कई देशों के ऊपर से गुजरा. इसमें कजाकिस्तान, तुर्कमेनिस्तान, ईरान, अफगानिस्तान और पाकिस्तान शामिल हैं. पाकिस्तान के पंजाब क्षेत्र से होते हुए यह विमान राजस्थान के रास्ते भारत में दाखिल हुआ.
पुतिन दुनिया के सबसे सुरक्षित नेताओं में माने जाते हैं. उनकी यात्रा के दौरान हमेशा दो प्रमुख चीजें उनके साथ रहती हैं. पहली उनकी बुलेटप्रूफ लक्जरी कार Aurus Senat और दूसरी उनका विशेष राष्ट्रपति विमान Ilyushin IL-96-300PU, जिसे फ्लाइंग क्रेमलिन यानी उड़ता हुआ क्रेमलिन कहा जाता है. यह विमान सामान्य IL-96-300 मॉडल का विशेष संस्करण है, जिसे राष्ट्रपति की सुरक्षा और कमांड की जरूरतों के अनुसार डिजाइन किया गया है.
राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन दो दिवसीय दौरे के दौरान भारत और रूस व्यापार, स्वास्थ्य, कृषि, मीडिया और सांस्कृतिक आदान-प्रदान पर समझौतों पर हस्ताक्षर करने वाले हैं. यूक्रेन संघर्ष के बाद यह उनकी पहली भारत यात्रा है. इस यात्रा में एक औपचारिक स्वागत, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ एक द्विपक्षीय शिखर सम्मेलन, एक व्यापार मंच संबोधन और एक राजकीय भोज शामिल है.