नई दिल्लीः पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को लेकर एक ऐसा बयान दिया है जिसने अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में हलचल मचा दी है. एक टीवी इंटरव्यू के दौरान आसिफ ने न केवल नेतन्याहू को मानवता का सबसे बड़ा अपराधी करार दिया, बल्कि अमेरिका और तुर्की को उन्हें अगवा करने तक की सलाह दे डाली.
पाकिस्तानी रक्षा मंत्री की यह विस्फोटक टिप्पणी हाल ही में अमेरिका द्वारा वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को एक गुप्त ऑपरेशन में पकड़े जाने के संदर्भ में आई है. आसिफ ने कहा, "नेतन्याहू इस समय दुनिया का सबसे बड़ा वांटेड अपराधी होना चाहिए. अगर अमेरिका खुद को मानवता का दोस्त कहता है, तो उसे नेतन्याहू को किडनैप कर अपनी किसी अदालत में पेश करना चाहिए."
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो में आसिफ ने अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (ICC) द्वारा नेतन्याहू के खिलाफ जारी गिरफ्तारी वारंट का भी जिक्र किया. उन्होंने तर्क दिया कि जब अमेरिका दूसरे देशों के राष्ट्रपतियों को पकड़ सकता है, तो वह इजरायली प्रधानमंत्री के खिलाफ ऐसी कार्रवाई क्यों नहीं करता.
बातचीत के दौरान जब एंकर ने नेतन्याहू को किडनैप कर अंकारा (तुर्की) ले जाने का सुझाव दिया, तो ख्वाजा आसिफ ने इसका पुरजोर समर्थन किया. उन्होंने कहा कि तुर्की को नेतन्याहू को पकड़कर वह न्याय सुनिश्चित करना चाहिए, जिसके हकदार फिलिस्तीनी हैं. आसिफ ने यहां तक कह दिया, "तुर्की नेतन्याहू को किडनैप कर सकता है और हम पाकिस्तानी इसके लिए दुआ कर रहे हैं."
गौरतलब है कि ICC ने नवंबर 2024 में नेतन्याहू के खिलाफ गाजा में युद्ध अपराधों, भुखमरी को हथियार बनाने और मानवता के खिलाफ अपराधों के आरोपों में वारंट जारी किया था. आसिफ के अनुसार, अब देशों को इस 'न्याय' को लागू करने के लिए कड़े कदम उठाने चाहिए.
पाकिस्तानी मंत्री के इस बयान के बीच भारत में इजरायली राजदूत रूवेन अजार ने एक अलग मोर्चे पर पाकिस्तान को घेरा. अजार ने गाजा में किसी भी 'अंतरराष्ट्रीय शांति बल' (ISF) में पाकिस्तानी सैनिकों को शामिल करने के विचार को सिरे से खारिज कर दिया.
अजार से पूछा गया कि क्या इजरायल गाजा में स्थिरता लाने के लिए पाकिस्तान की भूमिका स्वीकार करेगा, तो उन्होंने स्पष्ट "नहीं" कहा. इजरायली दूत ने संकेत दिया कि पाकिस्तान के आतंकवादी संगठनों से संदिग्ध संबंधों के कारण इजरायल उन पर भरोसा नहीं कर सकता. उन्होंने जोर देकर कहा कि इजरायल केवल उन्हीं देशों के साथ सहयोग करना पसंद करेगा जिन पर उसे पूर्ण विश्वास है.