Israel Hamas War: इजरायल और हमास के बीच जंग शुरू हए एक महीना होने को है. हमास के हमले का खामियाजा गाजा पट्टी में रहने वाले लोग भुगत रहे हैं. इस युद्ध में इजरायल, फिलिस्तीन के अलावा कई और देशों की भी एंट्री हुई है. अमेरिका किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार है. अमेरिका ने इजरायल में अपना सैन्य बेस तैयार कर लिया है. रिपोर्ट के मुताबिक, यह सैन्य बेस ईरान की मिसाइलों से निपटने के लिए बनाया गया है, लेकिन इसका प्रयोग हमास से निपटने के लिए भी किया जा सकता है. यह बेस हमास और ईरान दोनों के लिए ही खतरे की घंटी है.
इजरायल पर हमास का होने से दो माह पहले ही पेंटागन ने गाजा से सिर्फ 20 मील की दूरी पर इजरायली नेगेव रेगिस्तान के भीतर एक गुप्त अड्डे के लिए मिलियन डॉलर का एग्रीमेंट साइन किया था. कोड-नाम 512 लंबे समय तक चलने वाला अमेरिकी सैन्य बेस एर रडार सुविधा है. यह इजरायल पर मिसाइल हमलों से रोकथाम करती है. अमेरिकी सेना चुपचाप इस मिशन के साथ आगे बढ़ रही है.
रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी प्रेसिडेंट बाइडन ने इस बात पर जोर दिया है कि हमास युद्ध में अमेरिकी सैनिक भेजने की उनकी कोई योजना नहीं है. लेकिन इजरायल में अमेरिकी सैन्य बेस पहले से ही मौजूद है और किसी भी आपात स्थिति में अमेरिका उसका लाभ लेगा. रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिकी सैन्य बेस लगातार बढ़ रहा है.
इजरायल में अमेरिकी सैन्य मौजूदगी का पहली बार पता साल 2017 में चला था. जब दोनों देशों ने इस सैन्य स्थल का उद्घाटन किया था. अमेरिका की सरकार द्वारा फंड पाने वाला वॉयस ऑफ अमेरिका ने इजरायल की धरती पर इसे पहला अमेरिकी सैन्य बेस बताया था. हालांकि एक दिन बाद ही अमेरिका ने इसके सैन्य बेस होने से इंकार कर दिया था. यूएस ने इस पर कहा था कि यह इजरायली बेस पर काम करने वाले अमेरिकी सैनिकों के रहने के लिए सुविधा बताया था.
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