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पहाड़ों से ज्यादा ठिठुरे मैदानी इलाके, सूखी ठंड और घने कोहरे ने बढ़ाई कंपकंपी

Uttarakhand Weather: उत्तराखंड में शुष्क मौसम के कारण मैदानी इलाके पहाड़ों से ज्यादा ठंडे हो गए हैं. कोहरा, पाला और गिरते तापमान से जनजीवन प्रभावित है, जबकि अस्पतालों में सर्दी-जुकाम के मरीज बढ़ रहे हैं.

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
पहाड़ों से ज्यादा ठिठुरे मैदानी इलाके, सूखी ठंड और घने कोहरे ने बढ़ाई कंपकंपी
Courtesy: grok

देहरादून: जनवरी की कड़ाके की ठंड ने उत्तराखंड में इस बार अलग ही तस्वीर पेश की है. आमतौर पर पहाड़ों में ज्यादा ठंड महसूस होती है, लेकिन शुष्क मौसम के चलते इस समय मैदानी क्षेत्र ज्यादा ठिठुर रहे हैं. कोहरे और पाले ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. बुजुर्गों और बच्चों पर ठंड का असर सबसे ज्यादा दिख रहा है. मौसम विभाग ने फिलहाल बारिश के कोई आसार नहीं जताए हैं, जिससे सूखी ठंड बनी रहने की संभावना है.

पहाड़ों से ज्यादा ठंडे मैदानी इलाके

उत्तराखंड में इस समय मौसम शुष्क बना हुआ है, जिसका सीधा असर तापमान पर पड़ रहा है. पर्वतीय क्षेत्रों की तुलना में मैदानी इलाकों में ठंड ज्यादा महसूस की जा रही है. घना कोहरा और ठंडी हवाएं सुबह और रात के समय लोगों को कंपकंपाने पर मजबूर कर रही हैं. वहीं, पहाड़ों में पाले के कारण फसलों और रोजमर्रा की गतिविधियों पर असर पड़ रहा है.

कोहरा और पाले का येलो अलर्ट जारी

मौसम विज्ञान केंद्र ने राज्य के कई हिस्सों में येलो अलर्ट जारी किया है. हरिद्वार और उधम सिंह नगर के मैदानी इलाकों में घने कोहरे की चेतावनी दी गई है. इसके साथ ही नैनीताल, चंपावत, पौड़ी और देहरादून के कुछ हिस्सों में भी सुबह के समय दृश्यता कम रह सकती है. पर्वतीय क्षेत्रों में पाला पड़ने की संभावना बनी हुई है.

देहरादून और आसपास का तापमान

देहरादून में सुबह हल्की धुंध के बाद दिन में धूप निकलने से कुछ राहत मिली. सोमवार को यहां अधिकतम तापमान 21.6 डिग्री और न्यूनतम 4.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. उधम सिंह नगर में अधिकतम तापमान 16.8 और न्यूनतम 6.2 डिग्री रहा. ठंडी रातों के कारण लोगों को अलाव और गर्म कपड़ों का सहारा लेना पड़ रहा है.

मुक्तेश्वर और टिहरी में कड़ाके की ठंड

पर्वतीय इलाकों में भी ठंड का असर साफ दिख रहा है. मुक्तेश्वर में अधिकतम और न्यूनतम तापमान लगभग 4.1 डिग्री सेल्सियस रहा, जिससे सुबह के समय पाला जम गया. नई टिहरी में अधिकतम तापमान 16.2 और न्यूनतम 4.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया. ठंड के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में आवाजाही भी प्रभावित हो रही है.

अस्पतालों में बढ़े सर्दी-जुकाम के मरीज

ठंड के बढ़ते प्रकोप का असर स्वास्थ्य पर भी पड़ रहा है. अस्पतालों में सर्दी, खांसी और सांस संबंधी समस्याओं के मरीजों की संख्या बढ़ी है. डॉक्टरों का कहना है कि शुष्क मौसम में नमी की कमी से ये समस्याएं बढ़ती हैं. चिकित्सकों ने लोगों को गर्म कपड़े पहनने, गुनगुना पानी पीने और ठंडी हवा से बचने की सलाह दी है. 17 जनवरी के बाद मौसम में बदलाव के संकेत हैं.