menu-icon
India Daily

खाड़ी में सुपरपावर अमेरिका को हजारों करोड़ का झटका! क्रैश हुआ 2000 करोड़ का ट्राइटन, 24 घातक ड्रोन भी गंवाए

ईरान और अमेरिका की जंग लगातार जारी है. इसी बीच US को 2000 करोड़ का ट्राइटन सहित 24 रीपर ड्रोन भी गंवाए.

Ashutosh Rai
Edited By: Ashutosh Rai
खाड़ी में सुपरपावर अमेरिका को हजारों करोड़ का झटका! क्रैश हुआ 2000 करोड़ का ट्राइटन, 24 घातक ड्रोन भी गंवाए
Courtesy: X

फारस की खाड़ी में अमेरिका और ईरान के बीच चल रही भारी तनातनी के बीच अमेरिकी नौसेना को एक बहुत बड़ा रणनीतिक और आर्थिक झटका लगा है. अमेरिका ने आधिकारिक तौर पर यह स्वीकार कर लिया है कि उसने अपना बेहद एडवांस और लगभग 2000 करोड़ रुपये की कीमत वाला MQ-4C ट्राइटन ड्रोन खो दिया है. हालांकि, अमेरिका ने स्पष्ट किया है कि यह ड्रोन किसी ईरानी मिसाइल का शिकार नहीं हुआ, बल्कि दुर्घटनाग्रस्त हुआ है. इसके साथ ही, हालिया दिनों में अमेरिका ने करीब 6727 करोड़ रुपये के 24 अन्य घातक ड्रोन्स भी गंवा दिए हैं.

कैसे हुआ हादसा?

रिपोर्ट्स के मुताबिक, 9 अप्रैल 2026 को अमेरिकी नौसेना का यह हाई-टेक MQ-4C ट्राइटन ड्रोन फारस की खाड़ी के ऊपर अपनी रूटीन निगरानी उड़ान पर था. इसी दौरान यह अचानक राडार और फ्लाइट ट्रैकिंग सिस्टम से गायब हो गया. चूंकि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के आसपास ईरान और अमेरिका के बीच तनाव चरम पर था, इसलिए शुरुआती मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि इसे ईरानी सेना ने मार गिराया है.

लेकिन, अब अमेरिकी नौसेना सुरक्षा कमांड ने अपनी रिपोर्ट में स्थिति साफ कर दी है. नौसेना ने इसे क्लास ए मिसहैप मानते हुए क्रैश की पुष्टि की है. सैन्य भाषा में इस श्रेणी में वे हादसे आते हैं जिनमें 25 लाख डॉलर से ज्यादा का भारी नुकसान होता है. इस क्रैश में किसी जवान को चोट नहीं आई है.

कितना ताकतवर है MQ-4C ट्राइटन?

नॉर्थोप ग्रुम्मन कंपनी द्वारा बनाया गया यह ड्रोन RQ-4 ग्लोबल हॉक का समुद्री वर्जन है. यह हाई एल्टीट्यूड लॉन्ग एंड्योरेंस श्रेणी का है, जिसका मतलब है कि यह 50,000 फीट की ऊंचाई पर 24 घंटे से ज्यादा समय तक लगातार मंडरा सकता है. इसके 360-डिग्री सेंसर 7400 समुद्री मील के विशाल इलाके में एक साथ निगरानी करके रियल-टाइम खुफिया डेटा अमेरिकी बेस को भेजते हैं.

24 रीपर ड्रोन्स का भी हुआ नुकसान

सिर्फ एक ट्राइटन ही नहीं, अमेरिका को हाल ही में और भी तगड़े झटके लगे हैं. चीनी समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने एक न्यूज चैनल के हवाले से दावा किया है कि अप्रैल के पहले हफ्ते से लेकर अब तक अमेरिका ने ईरान के साथ जारी तनाव के बीच 24 MQ-9 रीपर ड्रोन्स भी खो दिए हैं. इनकी कुल कीमत करीब 6727 करोड़ रुपये है. ये ड्रोन न सिर्फ खुफिया जानकारी जुटाने में माहिर हैं, बल्कि सटीक एयरस्ट्राइक करने के लिए भी जाने जाते हैं.

फारस की खाड़ी, जहां से दुनिया का सबसे बड़ा तेल व्यापार होता है, वहां एक साथ इतने ड्रोन्स का खाक होना अमेरिकी सेना की आंख और कान पर बड़ा प्रहार माना जा रहा है. फिलहाल, नौसेना इस महंगे ट्राइटन ड्रोन के क्रैश होने के असल कारणों की बारीकी से जांच कर रही है.