नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर एक पोस्ट शेयर की है. इस बार उन्होंने AI से बनी एक तस्वीर का इस्तेमाल किया है. तस्वीर पर ये शब्द लिखे हैं, 'तुम घबरा रहे हो.' इस रहस्यमयी पोस्ट को ईरान के लिए एक नई चेतावनी के तौर पर देखा जा रहा है. ईरान और अमेरिका के बीच अभी तक कोई समझौता पक्का नहीं हुआ है.
अमेरिका के उप रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर कूटनीतिक बातचीत नाकाम रहती है, तो अमेरिकी सेना उस देश के खिलाफ फिर से हमला करने के लिए पूरी तरह तैयार है. सिंगापुर में बोलते हुए, हेगसेथ ने जोर देकर कहा कि अमेरिका के पास एक बार फिर युद्ध शुरू करने की पूरी क्षमता है.
We brought President Trump's latest post to life 🤣
— Donald J Trump Posts TruthSocial (@TruthTrumpPost) May 30, 2026
President Trump posted: "YOU'RE GETTING DISCOMBOBULATED." pic.twitter.com/0NJaiZhl7c
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा शेयर की गई पोस्ट में एक ऐसी तस्वीर है जिसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से बनाया गया है. इस तस्वीर में ट्रंप अमेरिकी सेना की वर्दी पहने हुए हैं और अपनी उंगली से आगे की ओर इशारा कर रहे हैं. उनके ऊपर अमेरिकी लड़ाकू विमान उड़ते हुए दिखाई दे रहे हैं, जबकि नीचे खुले समुद्र में अमेरिकी युद्धपोत लहरों को चीरते हुए आगे बढ़ते दिख रहे हैं.
खास बात यह है कि अमेरिका और ईरान के बीच प्रस्तावित समझौता अभी डोनाल्ड ट्रंप की अंतिम मंजूरी का इंतजार कर रहा है. व्हाइट हाउस के 'सिचुएशन रूम' में इस मामले पर अभी तक कोई पक्का फैसला नहीं लिया गया है. इस बीच दोनों विरोधी पक्षों के बीच जुबानी जंग जारी है.
इससे पहले, ट्रंप ने कहा था कि वह 'सिचुएशन रूम' में होने वाली एक बैठक के दौरान अंतिम फैसला लेंगे. हालांकि, व्हाइट हाउस द्वारा जारी एक बयान के अनुसार इस मामले पर केवल चर्चा हुई. आगे के कदमों के बारे में कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है. इन घटनाक्रमों के बीच ईरान ने सभी वाणिज्यिक और नौसैनिक जहाजों के लिए एक नई चेतावनी जारी की है.
इसमें कहा गया है कि 'होर्मुज जलडमरूमध्य' से गुजरने वाला रास्ता पूरी तरह से ईरानी सेना के नियंत्रण में है. इस मामले पर ईरानी मीडिया में जारी एक बयान में जोर देकर कहा गया है कि सभी जहाजों को चाहे वे किसी भी तरह के हों. इस रास्ते से गुजरने से पहले IRGC से अनुमति लेनी होगी. इसके अलावा यह चेतावनी भी दी गई है कि इस निर्देश का उल्लंघन करना अपनी ही सुरक्षा को खतरे में डालने जैसा होगा.